बिहार के लखीसराय में एक आदमी ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं और 8 साल की मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया। बच्ची की चीखें सुनकर गांव वाले मौके पर पहुंचे और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया। पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
Bihar News: बिहार के लखीसराय जिले में रविवार सुबह इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना हुई। मेदिनी चौकी थाना इलाके के एक गांव में महाशिवरात्रि के लिए फूल तोड़ने गई 8 साल की बच्ची के साथ एक अधेड़ उम्र के आदमी ने हैवानियत की। हालांकि गांव वालों की सक्रियता की वजह से आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
रविवार सुबह 9 से 10 बजे के बीच 8 साल की बच्ची नहाकर और मां से इजाजत लेकर फूल तोड़ने के लिए अपने घर के पास बगीचे में गई थी। इसी बीच, उसी गांव का रहने वाला 50 वर्षीय गोपाल मिश्रा सुनसान बगीचे का फायदा उठाकर बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया। वहां उसने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए मासूम बच्ची के साथ रेप किया।
जब आरोपी के बंद कमरे से बच्ची के चीखने-चिल्लाने की आवाजें आने लगीं, तो पास में चाय बेचने वाली एक महिला और पड़ोसियों को शक हुआ। गांव वालों ने खिड़की से झांका तो वे चौंक गए। वे तुरंत दरवाजा तोड़कर अंदर गए, जहां उन्हें बच्ची खून से लथपथ और बदहवास हालत में मिली। गुस्साए गांव वालों ने आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस को खबर दी।
सूचना मिलने पर थाना प्रभारी चित्तरंजन कुमार और SDPO शिवम कुमार भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी गोपाल मिश्रा को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए FSL टीम को बुलाया गया। जांच के दौरान, कमरे में बिस्तर, तकिया और चादरें खून से सनी हुई मिलीं। आरोपी के शरीर पर संघर्ष के निशान और खून के धब्बे भी मिले, जिन्हें साइंटिफिक जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
गांव वालों के अनुसार आरोपी गोपाल मिश्रा की पत्नी और बच्चे 10 साल पहले उसे छोड़कर चले गए थे और वह घर पर अकेला रहता था। वह पहले से ही मनचले मिजाज का था और अक्सर महिलाओं और लड़कियों के साथ गलत व्यवहार करता था। हालांकि उसके खिलाफ पहले कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं की गई थी, लेकिन इस बार उसने मासूम लड़की के साथ जो किया, उससे समाज को शर्मसार होना पड़ा है।
पीड़िता को तुरंत लखीसराय सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की एक टीम उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति पर नजर रख रही है। SDPO शिवम कुमार ने कहा है कि इस केस में फास्ट-ट्रैक ट्रायल चलाया जाएगा। पुलिस का मकसद एक महीने के अंदर कोर्ट में सारे सबूत पेश करना और आरोपियों को सख्त से सख्त सज़ा दिलाना है।