पटना

सद्भाव यात्रा से निशांत कुमार की सियासत में एंट्री की तैयारी, नीतीश कुमार के बेटे की यात्रा पर सबकी नजर

निशांत कुमार 3 मई से पटना से अपनी सद्भाव यात्रा शुरू करेंगे। पार्टी और सरकार में पद ठुकराने के बाद वे ग्रासरूट स्तर पर राजनीति सीखते हुए कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे।

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May 02, 2026
RJD on Nishant Kumar assets
जदयू नेता निशांत कुमार (फोटो- X@NishantJDU)

बिहार में नई सरकार के मंत्रिमंडल गठन की तैयारियों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार 3 मई को अपनी सद्भाव यात्रा पर निकलेंगे। यह यात्रा पटना के सर्कुलर रोड से सुबह 11 बजे शुरू होगी और शाम तक चंपारण पहुंचेगी। यात्रा के दौरान कई स्थानों पर निशांत कुमार का स्वागत भी किया जाएगा। 4 मई की सुबह वे वाल्मीकिनगर से बेतिया पहुंचेंगे और वहां कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होंगे।

निशांत कुमार की ग्रासरूट राजनीति की शुरुआत

डिप्टी सीएम का पद ठुकराने के बाद निशांत कुमार 3 मई से ग्रासरूट स्तर पर अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत करेंगे। निशांत कुमार को जानने वाले बताते हैं कि वे राजनीति में पैराशूट एंट्री के बजाय संगठन के भीतर से आगे बढ़ना चाहते हैं। यही कारण है कि वे पहले संगठन में काम करने और फिर सरकार में भूमिका निभाने की इच्छा रखते हैं। जानकारी के अनुसार, निशांत कुमार पहले पंचायत स्तर के कार्यकर्ताओं से संवाद कर व्यवहारिक राजनीति की बारीकियां सीखना चाहते हैं। पार्टी में किसी भी पद से पहले वे जमीनी स्तर पर अनुभव जुटाने पर जोर दे रहे हैं। उनकी इस यात्रा के दौरान जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार, संबंधित जिलों के सांसद, विधायक, विधानपार्षद तथा जिला से लेकर पंचायत स्तर तक के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे।

कार्यकर्ताओं में उत्साह

जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने निशांत कुमार की ऐतिहासिक सद्भाव यात्रा को लेकर कहा कि इससे पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर है। उन्होंने कहा कि बापू की कर्मभूमि से शुरू होने वाली यह यात्रा बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत करेगी।

कुशवाहा ने कहा कि कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ सामाजिक समरसता को भी नई दिशा देगा। उन्होंने यह भी बताया कि निशांत कुमार लगातार अपने पिता के संकल्पों को आगे बढ़ाने की बात करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य संगठन को और अधिक मजबूत बनाना है।

गांव-गांव जाकर बनाएंगे अपनी अलग राजनीतिक पहचान

निशांत कुमार का फिलहाल राजनीति में कोई खास अनुभव नहीं है और वे जदयू में किसी पद पर भी नहीं हैं। वे पार्टी के एक सामान्य सदस्य हैं। उनकी सबसे बड़ी पहचान यह है कि वे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र हैं। हालांकि, निशांत कुमार राजनीति में अपनी एक अलग पहचान बनाना चाहते हैं। वे अपनी मेहनत और अपने दम पर सियासत में जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

इसी उद्देश्य से वे गांव-गांव जाकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे, उनसे परिचय बढ़ाएंगे और पार्टी को मजबूत करने के लिए उनकी राय भी लेंगे। निशांत का लक्ष्य आम आदमी के नेता के रूप में खुद को स्थापित करना है। वहीं, कार्यकर्ता भी अपने संभावित नेता से मिलकर सम्मानित महसूस करेंगे।

पूरा शेड्यूल यहां देखें

11 बजे से पटना से सद्भाव यात्रा शुरू होने के बाद ऊपर दी हुईं जगहों पर निशांत का स्वागत होगा. इसके बाद-

➔4:00 बजे निशांत बेतिया में हरिवाटिका चौक पर बापू की प्रतिमा पर माल्यार्पण

➔4:15 बजे बाजार समिति में महेंद्र बैठा की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे।

➔04:45 बजे में लौरिया नंदनगढ़ में अशोक स्तंभ व बौद्ध स्थल का निरीक्षण

➔5:50 में बगहा अनुमंडल कार्यालय के पास आगमन, अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण

➔06:05 में SSB कैंप के पास स्वागत

➔06:30 बजे में लक्ष्मीपुर गांव में जनजाति समाज से मुलाकात

➔7:15 बजे में बाबा कालेस्वरनाथ मंदिर दर्शन

➔7:25 बजे गंडक बैराज का निरीक्षण

➔08:15 बजे में पार्टी नेताओं से मुलाकात और रात्रि विश्राम

Published on:
02 May 2026 08:26 pm