
Nitish Cabinet Expansion: बिहार में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, तापमान 6.6 डिग्री तक पहुंच गया है, लेकिन सियासी तापमान हाई है। राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर जीतन राम मांझी के तेवर के बाद मंत्रिपरिषद विस्तार की चर्चा ने हलचल बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक, नए साल में 14 जनवरी (खरमास) बाद विस्तार हो सकता है। CM नीतीश कुमार के दिल्ली दौरे में PM मोदी और अमित शाह से मुलाकात के बाद मुहर लग गई है।
नीतीश मंत्रिपरिषद में फिलहाल मंत्री के 10 पद खाली हैं। इन्हीं सीटों को लेकर बिहार में चर्चा तेज हो गई है। बिहार में मुख्यमंत्री समेत अधिकतम 36 मंत्री बनाए जा सकते है। इसको लेकर एनडीए में मंत्री को लेकर जो बंटवारे का फॉर्मूला तय किया गया है उसके अनुसार बीजेपी के हिस्से में 17, जदयू के हिस्से में 15(मुख्यमंत्री सहित), एलजेपी के हिस्से में दो और हम-आरएलएम को एक-एक सीटें मिलनी है। इस लिहाजे से बीजेपी के 4 और जदयू के 6 पद खाली है। कहा जा रहा है 14 जनवरी के बाद इसको भरा जायेगा। बिहार के कई मंत्री पर अतिरिक्त प्रभार है। इस विस्तार के बाद उनके भार को भी कम किया जायेगा। ताकि काम सही तरीके से चल सके।
सूत्रों के मुताबिक, जनवरी में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में जातिगत, सामाजिक और राजनीतिक संतुलन पर फोकस रहेगा। JDU कोटे से 6 मंत्री बन सकते हैं, इनमें कुशवाहा और अति पिछड़ा वर्ग के नेताओं को मौका मिल सकता है। इससे आने वाले समय में राजनीतिक चुनौतियों और सामाजिक समीकरण मजबूत होंगे।
बिहार में फिलहाल कई मंत्रियों पर कई विभागों का अतिरिक्त प्रभार है। JDU के बिजेंद्र यादव के पास 5, विजय चौधरी के पास 4, श्रवण कुमार-सुनील कुमार के पास 2-2 अतिरिक्त विभाग हैं। BJP के विजय सिंह, मंगल पांडेय और अरुण शंकर प्रसाद के पास भी 2-2 अतिरिक्त विभाग हैं। जनवरी में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नए मंत्रियों को विभाग सौंपे जा सकते हैं, जिससे इनका भार कम होगा। JDU नए चेहरों को मौका देने की तैयारी में है।