खाड़ी देशों में तनाव के कारण बड़ी संख्या में प्रवासी वहां फंसे हुए हैं। इस संकट को देखते हुए, बिहार सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा और उनके परिवारों की चिंताओं को दूर करने के लिए एक विशेष हेल्पलाइन शुरू की है।
Iran-Israel War: अमेरिका- इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध की वजह से पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़े तनाव ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है। इन खाड़ी देशों में काम कर रहे लाखों भारतीयों में भी बेचैनी का माहौल है। ऐसे समय में बिहार सरकार ने अपने प्रवासी नागरिकों की सुरक्षा पक्की करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बिहार सरकार के श्रम संसाधन और प्रवासी मजदूर कल्याण विभाग ने एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है ताकि खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासी बिहारी और उनके परिवार किसी भी इमरजेंसी में तुरंत संपर्क कर सकें। यह हेल्पलाइन नंबर दिल्ली में बिहार भवन से ऑपरेट होगा।
श्रम संसाधन और प्रवासी मजदूर कल्याण विभाग द्वारा जारी यह हेल्पलाइन नंबर सीधे उन बिहारियों और उनके परिवारों के लिए है जो अभी युद्ध प्रभावित या संघर्ष वाले इलाकों में फंसे हुए हैं।
बिहार सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 7217788114 जारी करते हुए यह स्पष्ट किया है कि यह नंबर 24 घंटे चालू रहेगा। इस नंबर पर कॉल करके प्रवासी बिहारी या उनके परिवार वाले किसी भी जानकारी, मदद या समस्या के समाधान के लिए संपर्क कर सकते हैं। आने वाली हर कॉल को प्राथमिकता दी जाएगी।
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण कई देशों में हवाई सेवाएं बाधित हुई हैं। एयरपोर्ट बंद होने और फ्लाइट कैंसिल होने की खबरों ने खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की चिंता बढ़ा दी है। सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, ओमान, कुवैत, बहरीन, इराक और ईरान जैसे देशों में बड़ी संख्या में बिहारी काम करते हैं। मौजूदा हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने एहतियात के तौर पर यह व्यवस्था की है।
श्रम संसाधन विभाग के सचिव दीपक आनंद ने कहा कि बिहार सरकार हर नागरिक की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि मिडिल ईस्ट में मौजूदा तनावपूर्ण हालात को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है, ताकि कोई भी प्रवासी बिहारी मुश्किल हालात में अकेला महसूस न करे। डिपार्टमेंट की स्पेशल टीम 24 घंटे हालात पर नजर रखेगी और जरूरत पड़ने पर संबंधित सेंट्रल एजेंसियों और एम्बेसी के साथ कोऑर्डिनेट करके तुरंत एक्शन लेगी।
यह स्पेशल हेल्पलाइन नंबर दिल्ली में बिहार भवन से ऑपरेट किया जा रहा है। इसका मुख्य मकसद विदेश में रहने वाले प्रवासी बिहारियों और उनके परिवारों को समय पर, सही जानकारी और मदद देना है। युद्ध के समय में, अक्सर कम्युनिकेशन चैनल बाधित हो जाते हैं या अफवाहें फैल जाती हैं, इसलिए यह सरकारी नंबर एक भरोसेमंद पुल का काम करेगा।
बिहार के सीवान, गोपालगंज, छपरा और मधुबनी जैसे जिलों से बड़ी संख्या में लोग खाड़ी देशों में काम करते हैं। युद्ध की खबरों के बीच, इन जिलों में रहने वाले परिवार बहुत डरे हुए हैं। सरकार की इस पहल से उन परिवारों को बड़ी राहत मिली है जो अपनों की खैरियत की खबर के लिए बेताब हैं।