
Pawan Singh (सोर्स: X)
Rajya Sabha Election: बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने राज्य की राजनीति में काफी सरगर्मी पैदा कर दी है। सबसे ज्यादा चर्चा भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह की हो रही है, जिन्हें लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि BJP उन्हें राज्यसभा भेज सकती है। इस बीच, फेमस भोजपुरी सिंगर गुंजन सिंह ने मीडिया से बात करते हुए एक बड़ा दावा किया है, जिसमें उन्होंने पवन सिंह की उम्मीदवारी को फाइनल बताया है।
मीडिया से बातचीत में, भोजपुरी सिंगर गुंजन सिंह ने पवन सिंह को राज्यसभा टिकट दिए जाने के सवाल पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, "पवन सिंह की राज्यसभा उम्मीदवारी लगभग फाइनल है। एक बार जब यह साफ हो जाएगा और नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा, तो सबको पता चल जाएगा। देखिए, जब तक चीजें फाइनल नहीं हो जातीं या ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी नहीं हो जाता, तब तक कुछ भी कहना ठीक नहीं है, लेकिन उनकी एंट्री पक्की है।"
गुंजन सिंह ने आगे कहा कि पवन सिंह का कद और भाजपा के प्रति उनकी निष्ठा को देखते हुए पार्टी उन्हें यह सम्मान देने का मन बना चुकी है। हालांकि भाजपा की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कुछ दिनों पहले पवन सिंह ने दिल्ली में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (जिन्होंने जनवरी 2026 में पद संभाला था) से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद, जब पवन सिंह मीडिया के सामने आए, तो उन्होंने बस इतना कहा कि यह शिष्टाचार मुलाकात थी और उन्होंने केवल अध्यक्ष जी का आशीर्वाद लिया है। पवन सिंह ने यह भी कहा था कि मालिक जो चाहेंगे वही होगा। गुंजन सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष या बड़े नेताओं से मिलना स्वाभाविक है और आशीर्वाद लेना जरूरी होता है।
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान, पवन सिंह के आरा सीट से चुनाव लड़ने की जोरदार चर्चा थी। हालांकि, पवन सिंह खुद चुनावी मैदान में नहीं उतरे, लेकिन उन्होंने BJP के लिए ज़ोरदार कैंपेन किया था, जिसका फायदा पार्टी को हुआ। चर्चा है कि BJP भोजपुरी वोट बैंक और युवाओं को लुभाने के लिए उपेंद्र कुशवाहा की खाली की गई सीट पर पवन सिंह को जगह दे सकती है।
बिहार विधानसभा चुनाव के बाद सदन में बदले हुए समीकरण की वजह से इस बार पांच राज्यसभा सीटों के लिए मुकाबला दिलचस्प है। 243 सदस्यों वाली विधानसभा की मौजूदा संख्या के आधार पर, NDA के पास कुल 202 विधायक हैं, जिनमें से 164 MLA के समर्थन से एनडीए का चार सीटें जीतना लगभग तय है। हालांकि, पांचवीं सीट के लिए मुकाबला दिलचस्प हो सकता है, क्योंकि इसके लिए एनडीए को तीन और विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी।
दूसरी तरफ विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद, महागठबंधन के पास राजद के 25, कांग्रेस के 6 और वामदल के विधायकों को मिलाकर कुल 35 विधायकों का समर्थन है। इसका मतलब है कि एक सीट जीतने के लिए जरूरी कम से कम 41 वोटों से महागठबंधन के पास छह विधायक कम हैं। ऐसे में BSP के एक और AIMIM के 5 विधायकों की भूमिका अहम मानी जा रही है।
बिहार के जिन पांच सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है, उनमें जदयू से राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह और राम नाथ ठाकुर, राजद के प्रेम चंद्र गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह एवं राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा (RLM) शामिल हैं। NDA और महागठबंधन इन सीटों को जीतने के लिए अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं।
Published on:
02 Mar 2026 03:39 pm
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