सीएम नीतीश कुमार ने बिहार के विकास को नई रफ्तार देने के लिए ‘सात निश्चय-3’ का ऐलान किया है। जिसके तहत अगले 5 साल में 1 करोड़ नौकरियों और 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के विकास को नई दिशा देने के लिए ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम का औपचारिक ऐलान कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए कहा कि वर्ष 2005 से शुरू हुए सुशासन और न्याय के साथ विकास के सफर को अब अगले चरण में ले जाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सात निश्चय-1 (2015-2020) और सात निश्चय-2 (2020-2025) के तय लक्ष्यों को हासिल करने के बाद अब बिहार को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के उद्देश्य से सात निश्चय-3 को लागू करने का फैसला लिया गया है।
सात निश्चय-3 का पहला और सबसे अहम संकल्प ‘दोगुना रोजगार-दोगुनी आय’ रखा गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं के लिए नौकरी और रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए अलग से युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का गठन किया जा चुका है। महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है, जिसे आगे बढ़ाकर 2 लाख रुपये तक किया जाएगा। जाति आधारित गणना में चिह्नित 94 लाख गरीब परिवारों को रोजगार योजनाओं से जोड़ने की प्राथमिकता भी तय की गई है।
दूसरा निश्चय ‘समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार’ है, जिसके तहत राज्य में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया गया है, जिनका उद्देश्य बिहार को पूर्वी भारत का टेक हब बनाना और निवेश के लिए आकर्षक कार्यस्थल के रूप में विकसित करना है। सरकार ने अगले पांच वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, राज्य में बंद पड़ी 9 चीनी मिलों को पुनः शुरू करने और 25 नई चीनी मिलों की स्थापना की योजना भी शामिल है।
सात निश्चय-3 का तीसरा निश्चय ‘कृषि में प्रगति- प्रदेश की समृद्धि’ है। इसके तहत किसानों की आय बढ़ाने के लिए वर्ष 2024 से 2029 के लिए गठित चौथे कृषि रोड मैप के काम में और तेजी लाई जाएगी। साथ ही मखाना रोड मैप बनाकर मखाना के उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाएगा। डेयरी एवं मत्स्य पालन पर विशेष जोर दिया जाएगा तथा राज्य के सभी गावों में दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन एवं प्रत्येक पंचायत में ‘सुधा‘ बिक्री केंद्र की स्थापना की जाएगी। साथ ही हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के काम को और आगे बढ़ाया जाएगा।
सात निश्चय-3 का चौथा निश्चय ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य’ है। इसके तहत राज्य में अलग उच्च शिक्षा विभाग का गठन कर दिया गया है। अब राज्य के पुराने प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा तथा राज्य में नई एजुकेशन सिटी का निर्माण भी किया जाएगा।
सात निश्चय-3 का पांचवां निश्चय ‘सुलभ स्वास्थ्य- सुरक्षित जीवन’ है। इस पहल के तहत, ब्लॉक-लेवल के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स को स्पेशलिटी अस्पतालों में अपग्रेड किया जाएगा, और ज़िला अस्पतालों को सुपर-स्पेशलिटी अस्पतालों में विकसित किया जाएगा। शिक्षा और इलाज को बेहतर बनाने के लिए राज्य के नए मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को बढ़ावा दिया जाएगा। दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में बेहतर मेडिकल सुविधाएँ सुनिश्चित करने के लिए, डॉक्टरों के लिए विशेष प्रोत्साहन की एक प्रणाली शुरू की जाएगी, और सरकारी डॉक्टरों द्वारा प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक लगाने वाली नीति लागू की जाएगी।
सात निश्चय-3 का छठा निश्चय ‘मजबूत आधार-आधुनिक विस्तार’ है। इसके तहत, राज्य में शहरी इलाकों का विस्तार किया जाएगा और नागरिक सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा आधुनिक तरीके से प्लान किए गए नए शहर विकसित किए जाएंगे, और शहरी गरीबों के लिए किफायती घर उपलब्ध कराए जाएंगे। शहरों में कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए, पांच नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे और ग्रामीण सड़कों को चरणबद्ध तरीके से दो लेन का किया जाएगा। साथ ही, बिजली के इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत किया जाएगा, और सभी इच्छुक घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा।
राज्य के टूरिस्ट डेस्टिनेशंस को नेशनल और इंटरनेशनल टूरिस्ट अट्रैक्शन के तौर पर डेवलप और स्थापित किया जाएगा। इन डेस्टिनेशंस को जोड़ने वाले सर्किट के साथ सभी तरह की टूरिज्म सुविधाएं डेवलप की जाएंगी। इसके अलावा, राज्य में महत्वपूर्ण जगहों पर हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में फिल्मों की शूटिंग के लिए एक फिल्म सिटी बनाई जाएगी और फिल्म इंडस्ट्री को बढ़ावा दिया जाएगा। पटना में एक वर्ल्ड-क्लास स्पोर्ट्स सिटी बनाई जाएगी और राज्य के सभी जिलों में खेलों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। राज्य में नेशनल और इंटरनेशनल खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा, प्रगति यात्रा से संबंधित 430 स्वीकृत योजनाओं और सेवन रिजॉल्व्स-2 कार्यक्रम के तहत बचे हुए कामों को तेजी से पूरा किया जाएगा।
सात निश्चय-3 का सातवां तथा अंतिम निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (Ease of Living) है। इसके तहत राज्य में आधुनिक तकनीक, नवाचार एवं संवेदनशील सुशासन के माध्यम से राज्य के सभी नागरिकों के जीवन को आसान बनाने हेतु कार्य किया जाएगा।