नीतीश कुमार ने राज्य सभा जाने से पहले बीजेपी से जेडीयू के लिए गृह मंत्रालय की मांग की है। बिहार की एनडीए सरकार में अभी गृह मंत्रालय बीजेपी के पास है।
नीतीश कुमार ने राज्य सभा जाने से पहले अपनी पार्टी जेडीयू के लिए एक बड़ी मांग कर दी है। सूत्रों के अनुसार उन्होंने बिहार में गृह विभाग पर दावा ठोक दिया है। सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार के इस दावे के बाद बिहार में एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया है। जेडीयू ने बीजेपी से साफ कर दिया है कि गृह विभाग फिर से उसे मिलना चाहिए। पिछले करीब 20 वर्षो से गृह विभाग एनडीए सरकार में जदयू के पास ही रहा है। नीतीश कुमार ने एक बार फिर से कानून व्यवस्था से जुड़े इस विभाग पर दावा ठोंक दिया है।
नई सरकार में गृह विभाग सम्राट चौधरी के पास है। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की स्थिति प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने की संभावना है। बीजेपी बिहार विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है। उसके पास 89 विधायक हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री पद पर बीजेपी का दावा स्वाभाविक है। बीजेपी की प्रदेश में सरकार बनती है तो सम्राट चौधरी सीएम पद के लिए सबसे बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। सम्राट चौधरी के पास ही वर्तमान सरकार में गृह विभाग है।
बिहार में एनडीए सरकार के दौरान गृह मंत्रालय नीतीश कुमार के पास ही रहा है। लेकिन, 2025 के विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद गृह मंत्रालय बीजेपी के पास चला गया था। इसको लेकर जदयू में असंतोष की चर्चा थी। कहा जा रहा है कि इसको देखते हुए जदयू ने गृह मंत्रालय पर अपना दावा ठोका है। नई सरकार के गठन से पहले एनडीए के भीतर इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है।
बिहार में एनडीए की जो सरकार है उसमें जेडीयू का मुख्यमंत्री है। जबकि बीजेपी कोटे के दो डिप्टी सीएम हैं। लेकिन, नीतीश कुमार राज्यसभा जाने पर सत्ता का यह समीकरण पूरी तरह बदल जायेगा। राजनीति के जानकारों का कहना है कि बीजेपी का मुख्यमंत्री और जेडीयू के दो डिप्टी सीएम वाला नया फॉर्मूला सामने आ सकता है। अगर ऐसा हुआ तो यह बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जाएगा। इसके बाद बिहार में पहली बार बीजेपी के नेतृत्व में सरकार बनेगी।