नीतीश कुमार के बिहार छोड़कर दिल्ली की राजनीति में जाने के फैसले को लेकर परिवार के लोगों ने उन्हें काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने किसी की बात नहीं मानी। एक निजी चैनल से बातचीत में उनके बहनोई अनिल कुमार ने यह बातें कही।
Rajya Sabha Election बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य सभा के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। उन्हें ऐसा करने से रोकने के लिए बुधवार देर रात तक परिवार के लोग प्रयास करते रहे, लेकिन वे अपने फैसले पर अड़े रहे। इस बात का खुलासा मुख्यमंत्री के बहनोई अनिल कुमार ने एक निजी चैनल से बातचीत में किया। उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार को अभी बिहार छोड़कर दिल्ली नहीं जाना चाहिए था। बिहार की जनता ने पिछले 25–30 वर्षों से उन पर भरोसा जताकर उन्हें नेतृत्व दिया है, इसलिए उन्हें 2030 से पहले बिहार नहीं छोड़ना चाहिए। अनिल कुमार ने आगे कहा कि नीतीश कुमार के बिना बिहार खुद को असहाय महसूस करेगा।
मुख्यमंत्री नीतीश के बहनोई अनिल कुमार ने कहा कि 4 मार्च की पूरी रात परिवार के लोग उनसे अपने फैसले पर दोबारा विचार करने का आग्रह करते रहे, लेकिन वे नहीं माने। उन्होंने बताया कि परिवार के लोगों ने उनसे कहा कि बिहार की जनता ने उनके नाम पर एनडीए को वोट दिया है, इसलिए उन्हें इस तरह बिहार छोड़कर नहीं जाना चाहिए। उनके जाने से राज्य में विकास की रफ्तार पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, इस बात पर नीतीश कुमार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। जब उनसे पूछा गया कि उन्हें बिहार की राजनीति से कब जाना चाहिए था, तो अनिल कुमार ने कहा कि अगर वे एक-दो साल बाद यह फैसला लेते, तो बेहतर होता।
नीतीश कुमार के कामकाज को आप किस तरह देखते हैं? इस सवाल पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बहनोई अनील ने कहा कि जब उन्हें बिहार की सत्ता मिली थी, तब राज्य पर “जंगलराज” का टैग लगा हुआ था। नीतीश कुमार ने बिहार को उस छवि से बाहर निकालकर विकास की राह पर आगे बढ़ाया। उनके कार्यकाल में प्रदेश में सड़कों का जाल बिछा, “लालटेन युग” से बाहर निकालते हुए लोगों को 20 से 22 घंटे बिजली मिलने लगी। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में सुधार हुआ और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए।
मुख्यमंत्री नीतीश की बहन इन्दू ने कहा कि उन्होंने भी नीतीश कुमार को काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन वे इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोले। निशांत के राजनीति में आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें राजनीति में आना चाहिए। हालांकि, भैया हमेशा परिवारवाद के खिलाफ रहे हैं, लेकिन मेरी इच्छा है कि निशांत राजनीति में आएं। जब उनसे पूछा गया कि निशांत की राजनीति में एंट्री कब होगी, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल निशांत इसके लिए तैयार नहीं हैं। परिवार के लोग उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं।
नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर उठे सवालों पर अनिल कुमार ने कहा कि वे पूरी तरह फिट थे। विपक्षी दलों ने अफवाह फैलाकर उन्हें बिहार की राजनीति से बाहर कर दिया। उन्होंने कहा कि 2025 के चुनाव में “2025 से 2030, फिर से नीतीश” का नारा दिया गया था, इसलिए नीतीश कुमार को अभी बिहार में ही रहना चाहिए था।