मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को दिल्ली पहुंचे, जहां मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि बिहार में जल्द ही एक नई सरकार का गठन होगा। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि वो सीएम की कुर्सी कब छोड़ेंगे।
बिहार की सियासत में पिछले दो दशकों से सत्ता के केंद्र रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब नई पारी के लिए तैयार हैं। गुरुवार को दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान यह साफ कर दिया कि बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर उनका कार्यकाल अब अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा, 'मैंने पटना में लंबे समय तक काम किया है। अब मैं एक बार फिर यहीं (दिल्ली में) काम करूंगा।'
दिल्ली में पत्रकारों ने जब नीतीश कुमार से उनके भविष्य और बिहार में राजनीतिक सत्ता समीकरणों के बारे में पूछा तो उन्होंने जवाब दिया कि 20 साल से अधिक समय तक बिहार में काम किया अब दीली में भी काम करना है। इसलिए दिल्ली आ गए हैं। नीतीश कुमार ने बताया कि वो कल राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ लेंगे। जब उनसे पूछा गया कि सीएम पद से कब इस्तीफा देंगे तो उन्होंने कहा कि 3-4 दिन मेँ लौटेंगे तो कर देंगे। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद ही बिहार में नई सरकार का गठन होगा।
वहीं, इससे पहले जब एयरपोर्ट पत्रकारों ने नीतीश कुमार से पूछा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? तो नीतीश कुमार अभी जवाब देने ही वाले थे कि जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा बीच में दखल दिया और उन्हें बोलने से रोक दिया।
बिहार की राजनीति में सबसे बड़ा सस्पेंस नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर है। जब पत्रकारों ने सीधे तौर पर निशांत कुमार को कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने की संभावना के बारे में पूछा तो नीतीश मुस्कुराए और जवाब दिया, 'हमारी पार्टी के नेता और राष्ट्रीय कार्यकारिणी इस मामले पर फैसला करेंगे।' माना जा रहा है कि दिल्ली में होने वाली जदयू नेताओं की बैठक में निशांत कुमार को कोई महत्वपूर्ण पद सौंपे जाने पर फैसला लिया जा सकता है।
बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? इस सवाल का जवाब अभी तक साफ नहीं है, लेकिन यह चर्चा जरूर है कि जो भी होगा भाजपा का होगा। इसे लेकर शुक्रवार को दिल्ली में एक बड़ी बैठक बुलाई गई है, जिसकी अध्यक्षता BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे। इस बैठक में बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा भी शामिल होंगे। अगर सूत्रों की मानें, तो मुख्यमंत्री पद की दौड़ में फिलहाल सम्राट चौधरी सबसे आगे चल रहे हैं। 14 या 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण समारोह होने की संभावना को देखते हुए, BJP ने पटना के गांधी मैदान को तैयार रखने का भी संकेत दिया है।
नीतीश कुमार शुक्रवार को दोपहर लगभग 12:15 बजे राज्य सभा सदस्य के तौर पर शपथ लेने वाले हैं। इसके बाद वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी बैठक कर सकते हैं। इन बैठकों के दौरान बिहार में नई सरकार के गठन, मंत्रालयों के बंटवारे और जदयू की भविष्य की भूमिका के संबंध में अंतिम निर्णय लिए जाएंगे।