Bihar politics मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा 26 मार्च को समाप्त हो रही है। इसके साथ ही बिहार में सत्ता हस्तांतरण कब होगा, इसको लेकर चर्चा तेज हो गई है।
Bihar Politics: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा 26 मार्च को समाप्त हो रही है। इस यात्रा के समापन के साथ ही बिहार की राजनीति में यह सवाल तेज हो गया है कि क्या वे इसके बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। इस मुद्दे पर सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है। वरिष्ठ पत्रकार लव कुमार मिश्रा का मानना है कि नीतीश कुमार यात्रा खत्म होते ही तुरंत इस्तीफा नहीं देंगे, बल्कि सत्ता हस्तांतरण में अभी कुछ और समय लग सकता है।
उनके अनुसार, जो राजनीतिक संकेत मिल रहे हैं, उनसे स्पष्ट है कि सत्ता परिवर्तन से पहले नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जदयू को एनडीए के भीतर कई अहम मुद्दों पर सहमति बनानी होगी। इन सब बातों के तय होने के बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा।
राजनीति के जानकारों का कहना है कि समृद्धि यात्रा का समापन एक महत्वपूर्ण राजनीतिक पड़ाव जरूर है, लेकिन इस्तीफे जैसे बड़े फैसले बहुत सोच-समझकर लिए जाते हैं। वे मानते हैं कि फिलहाल एनडीए में सत्ता हस्तांतरण को लेकर कोई स्पष्ट रूपरेखा तैयार नहीं हुई है। ऐसे में किसी भी बदलाव से पहले दोनों दल मिलकर इसकी पूरी रणनीति तय करेंगे।
राजनीति के जानकारों अनुसार, भाजपा और जदयू के बीच शक्ति संतुलन बनाए रखना इस प्रक्रिया का अहम पहलू होगा। अगर मुख्यमंत्री पद भाजपा को जाता है, तो जदयू यह सुनिश्चित करना चाहेगी कि उसे सरकार और संगठन दोनों में सम्मानजनक हिस्सेदारी मिले। यानी, मुख्यमंत्री की कुर्सी के बदले जदयू अपनी राजनीतिक भूमिका और प्रभाव को संतुलित बनाए रखने पर जोर देगी।
इसके साथ ही नए मुख्यमंत्री के नाम पर दोनों दलों की सहमति, मंत्रिमंडल का गठन, विभागों का बंटवारा और संगठन में संभावित बदलाव जैसे कई अहम मुद्दों पर अभी सहमति बननी बाकी है। वरिष्ठ पत्रकार लव कुमार मिश्रा का कहना है कि इन्हीं कारणों से यह संभावना ज्यादा है कि सत्ता हस्तांतरण में अभी कुछ और समय लग सकता है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री की यात्रा के समापन के बाद एनडीए में जदयू कोटे के मंत्री पदों की संख्या, अहम विभागों का बंटवारा और संगठन में भूमिका जैसे मुद्दों पर विस्तार से बातचीत होगी।इन सभी बिंदुओं पर अंतिम सहमति बनने के बाद ही नीतीश कुमार इस्तीफा दे सकते हैं। इसलिए फिलहाल इस्तीफे को लेकर किसी तरह की जल्दबाजी की संभावना नहीं दिखती।