
(पटना): जयप्रकाश नारायण के आंदोलन और संपूर्ण क्रांति दिवस के मौके पर गांधी मैदान के दक्षिणी पश्चिमी कोने पर स्थित जेपी की प्रतिमा के निकट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित सरकार में शामिल जेपी आंदोलन के सेनानियों ने जेपी को श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें याद किया।
किया गया सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
इस मौके पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार,पथ निर्माण मंत्री और भाजपा नेता नंदकिशोर यादव,शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा समेत जदयू भाजपा के कई मंत्री और नेता मौजूद रहे।
जेपी ने बिहार आंदोलन को दिया संपूर्ण क्रांति का रूप
बिहार आंदोलन के दौरान इसे विस्तार देते हुए लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने 5 जून 1974 को संपूर्ण क्रांति का रूप दिया था। इंदिरा गांधी की सरकार बदलने और केंद्र में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद जेपी के संपूर्ण क्रांति का नारा तेज गति नहीं पकड़ सका। आंदोलन के दौरान खींचतान और आंदोलनकारियों के सत्ता में चले जाने के बाद एक जबर्दस्त भटकाव का दौर आ गया। इस तरह संपूर्ण क्रांति का जेपी का सपना साकार हुए बिना ही रह गया था।
मरणोपरान्त भारत रत्न से किया गया सम्मानित
जयप्रकाश नारायण स्वतंत्रता सेनानी और लोकप्रिय राजनेता थे। 11 अक्टूबर 1902 को उनका जन्म हुआ। उन्हें 1999 में मरणोपरान्त भारत रत्न से सम्मानित किया गया। समाज सेवा के लिए उन्हें 1965 में मैगसेसे पुरस्कार भी दिया गया। पटना के हवाई अड्डे का नाम भी उन्ही के नाम पर रखा गया है। उनका पुरा जीवन प्रेरणादायक है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्होंने अंग्रेजों की नाक में दम कर दिया था। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वह कई बार जेल भी गए। 8 अक्टूबर 1979 में 76 वर्ष की उम्र में उनका देहांत हो गया ।