
Patna Fire Oil Warehouse: पटना के दीदारगंज थाना क्षेत्र के करमलीचक में वनस्पति तेल, रिफाइंड तेल और सरसों के तेल वाले एक बड़े गोदाम में अचानक आग लग गई। गोदाम में तेल और डालडा का भारी स्टॉक होने के कारण आग की लपटें तेज़ी से विकराल रूप ले गईं। आग इतनी भीषण थी कि आसमान में उठती ऊंची लपटें और काले धुएं के गुबार कई किलोमीटर दूर से ही साफ दिखाई दे रहे थे। इस घटना में करोड़ों रुपये का तैयार माल और मशीनरी पूरी तरह जलकर राख हो गई।
घटना की खबर मिलते ही स्थानीय दीदारगंज पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंची। लेकिन, आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि स्थानीय दमकल केंद्र की गाड़ियां कम पड़ गईं, जिसके बाद पटना के अलग-अलग दमकल केंद्रों को तुरंत अलर्ट मोड पर लाकर कुल 22 दमकल वाहनों को घटना स्थल पर भेजा गया।
पटना सिटी फायर स्टेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी अजय कुमार शर्मा ने बताया कि तेल की आग बुझाना सामान्य आग की तुलना में कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण और जटिल होता है। पानी डालने पर तेल सतह पर तैरने लगता है, जिससे आग बुझने के बजाय और फैल जाती है। इसलिए, दमकलकर्मियों को पानी के साथ-साथ विशेष फोम कंपाउंड का इस्तेमाल करना पड़ा। आग पर पूरी तरह काबू पाने के लिए 8 से 10 घंटे से अधिक समय तक लगातार बचाव और आग बुझाने का अभियान चलाना पड़ा।
अधिकारियों की शुरुआती जांच अनुसार, गोदाम के अंदर एक इलेक्ट्रिकल पैनल में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ। शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारियां तेल के ड्रमों तक पहुंच गईं, जिससे यह दुर्घटना हुई। गनीमत रही कि घटना के समय गोदाम के अंदर कोई कर्मचारी या स्टाफ मौजूद नहीं था। नतीजतन, किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर नहीं है। इसके अलावा, फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई की बदौलत गोदाम के ठीक बगल में स्थित ब्रेड बनाने वाली एक बड़ी फैक्ट्री को सफलतापूर्वक बचा लिया गया। अगर ब्रेड फैक्ट्री में आग पकड़ लेती तो नुकसान और ज्यादा हो सकता था।