पटना

पटना के गर्ल्स हॉस्टलों में ‘शराब और शबाब’ का काला खेल? छात्रा का खुलासा- रात भर चलती है पार्टी, सुबह लौटती हैं लड़कियां

बोरिंग रोड के नागेश्वर कॉलनी के हॉस्टलों की छात्राओं को गैंग में सक्रिय सदस्य सबसे पहले अपना निशाना बनाती हैं।

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Jan 23, 2026
AI जनरेटेड फोटो

पटना के गर्ल्स हॉस्टलों में शराब पार्टी से जुड़ा मामला सामने आया है। इस पार्टी में लड़कियों के साथ पुरूष भी रहते हैं। पटना के बोरिंग रोड स्थित गर्ल्स हॉस्टलों में रहने वाली एक छात्रा ने नाम नहीं उजागर करने की शर्त पर कहा कि शराबबंदी वाले बिहार में प्रतिदिन गर्ल्स हॉस्टल में शराब पार्टी होती है। इसमें अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोग भी कभी-कभी शामिल होते हैं। उसने कहा कि शराब पार्टी के बाद कुछ लड़कियां उनके साथ बाहर भी जाती हैं। इसका विरोध करने पर छात्रा को टारगेट भी कर लिया जाता है। छात्रा ने दावा किया कि पुलिस के संरक्षण में हॉस्टल के संचालक यह सब करते हैं।

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हॉस्टलों में काम कर रहा गैंग

बोरिंग रोड के नागेश्वर कॉलनी के इस हॉस्टलों की चर्चा करते हुए छात्रा बताती है कि इसमें ज्यादातर कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा रहती हैं। जो कि दूर दराज ग्रामीण क्षेत्र से यहां पर पढ़ने आती हैं। उन छात्राओं को उनकी सीनियर सबसे पहले अपने कब्जे में लेती हैं। फैसन, बड़े होटलों में खाना और फिर बड़ी-बड़ी गाड़ियों से घुमने- फिराने के बाद वे उनको अपने विश्वास में लेकर अपने गिरोह में शामिल करती हैं।

रात भर चलती है पार्टी

रंगीन दुनिया का सपना दिखाकर कॉलेज की सीनियर उनको हॉस्टल में होने वाली शराब पार्टी में भी फिर शामिल करती हैं। सूत्रों का कहना है कि देर रात तक होने वाली गर्ल्स हॉस्टल की शराब पार्टी के बाद कई छात्रा हॉस्टल से बाहर भी निकलती हैं। जो कि सुबह में अपने हॉस्टल वापस लौटती हैं। हॉस्टल के आस पास में रहने वाले लोग भी इसकी पुष्टि करते हुए कहते हैं कि सब जानने के बाद भी हम लोग अपना मुंह बंद रखते हैं। हॉस्टल के संचालक ही नहीं हॉस्टल के अंदर इस तरह का काम करने वाले गैंग की बड़ी दूर तक पहुंच हैं। इनसे पंगा लेना का मतलब अपने जान को जोखिम में डालना है। वे कहते हैं कि बच्चों के मां बाप जब सब कुछ जानने और देखने के बाद शांत हैं तो फिर हम लोग क्यों बोलें।

कहां से आ रहे बच्चों के पास पैसे?

हॉस्टल के पास ही फास्ट फूड की दुकान चलाने वाले एक युवक ने सवाल करते हुए कहा कि साहेब आप अपने बच्चे को रहने के 10 हजार रूपया भेजते हैं। 10 हजार में 8 हजार उसका हॉस्टल का फीस है, फिर उसके पास आप अगर पैसा नहीं दे रहे हैं तो महंगे मोबाइल, ब्यूटी पार्लर में पांच हजार और महंगे कपड़े खरीदने के लिए पैसा कहां से आते हैं। यह पूछने और इसपर रोक लगाने की जिम्मेवारी परिवार की है। हॉस्टल की नहीं है। गलत होने पर सिर्फ चिल्लाने से नहीं होगा, बच्चों पर ध्यान भी देना होगा।


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Updated on:
23 Jan 2026 09:43 pm
Published on:
23 Jan 2026 09:42 pm
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