पटना गर्ल्स हॉस्टल: पीड़िता के परिजनों ने कहा हमने सीबीआई जांच की मांग नहीं किया था। हमने हाई कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की थी। ताकि मेरी बेटी को न्याय मिल सके।
पटना गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत की जांच अब सीबीआई करेगी। सरकार के इस फैसले पीड़िता के परिजनों ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि इससे पहले जो घटना घटित हुए CBI क्या उसकी निष्पक्ष जांच की है, जो इस मामले का करेगी। परिजनों ने कहा हमने सीबीआई जांच की नहीं हमने हाई कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। ताकि मेरी बेटी को न्याय मिल सके। पीड़िता के परिजनों के इस बयान के बाद पूरे प्रकरण पर एक बार फिर से सवाल खड़ा हो गया है।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार के इस फैसले पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो चुकी है और आरोप लगाया कि सरकार अपराधियों और बलात्कारियों को अपने “मेहमान” की तरह मान रही है और उन्हें संरक्षण और सम्मान देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। तेजस्वी यादव ने अपने ट्वीट में आगे लिखा है कि सरकार इस मामले में खुलासा करने के बजाय जांच सीबीआई को सौंपने का रास्ता चुना, जिससे यह साबित हो गया कि बिहार का प्रशासनिक ढांचा भ्रष्ट, अयोग्य और अनप्रोफेशनल है। उन्होंने पूरे मामले पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि राज्य की एजेंसियां 20 दिनों में भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकाल सकीं। यह तो सरकार की नकामी है।
इस पूरे मामले पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कहा कि NEET छात्रा मामले में सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार में पुलिस का राजनीतिकरण होने की वजह से अपराधी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। उन्होंने आगे कहा कि बिहार पुलिस सिर्फ दलाल, माफिया, रैकेट चलाने वालों का संरक्षण करने का काम करती है। उन्होंने आगे कहा कि जहानाबाद की बेटी का केस सीबीआई करें, लेकिन यह जांच सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के जज के मॉनिटरिंग में हो। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को कड़ी सुरक्षा दी जाए, क्योंकि ये आशंका है कि पुलिस पीड़ित परिवार की हत्या प्रपंच रचकर कर सकती है।
सीनियर पत्रकार लव कुमार मिश्रा कहते हैं कि सरकार विधानसभा सत्र की वजह से आनन-फानन में यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान विपक्ष इसे मुद्दा बना सकती थी। इसकी वजह से ही सरकार ने आनन-फानन में पूरा मामला सीबीआई को सौंप दिया।