पूर्व IPS अमिताभ दास के घर पर पटना पुलिस ने तथ्यहीन और भड़काऊ पोस्ट तथा बयान देने के आरोप में छापेमारी की है। उन पर रिटायरमेंट के बाद सरकारी प्रतीक चिह्न के अवैध उपयोग का भी आरोप है।
पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास के घर शुक्रवार को तीन थाना क्षेत्र की पुलिस ने छापेमारी की है। पुलिस ने उनके घर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज एकत्रित किए हैं। अमिताभ दास पटना NEET छात्रा केस मामले में बार बार भड़काऊ बयान दे रहे थे। पटना पुलिस ने भ्रामक सूचना देने के आरोप में उनके खिलाफ चित्रगुप्त नगर थाने में एफआईआर दर्ज करने के बाद उनके घर पर छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज एकत्रित किए हैं। पटना पुलिस ने उनको हिरासत में लेकर थाने ले गई है। पुलिस हिरासत में अमिताभ दास ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पाटलिपुत्र एवं चित्रगुप्त नगर समेत तीन थाने की पुलिस छापेमारी के लिए उनके पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित पटना स्काइज अपार्टमेंट में छापेमारी की है। पटना पुलिस की छापेमारी के दौरान ही अमिताभ दास की तबीयत बिगड़ गई। जांच के लिए डॉक्टर को उनके आवास पर ही बुलाया गया है।
पटना पुलिस ने सोशल मीडिया पर तथ्यहीन और भड़काऊ पोस्ट अपलोड करने के आरोप में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। राजधानी के एक गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत मामले में कई youtube चैनलों पर वे भ्रामक बयान दे रहे थे। इससे पहले भी वे कई बार ऐसे बयान दे चुके हैं। जिससे खलबली मच गई थी। कुछ दिन पहले उन्होंने लालू प्रसाद के पुत्र तेज प्रताप यादव को लेकर भी विवादस्पद बयान दिया था। जिसको लेकर उन्होंने अमिताभ दास के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे थे।
अमिताभ दास पर वर्ष 2006 में एक महिला ने शादी का झूठा वादा कर लंबे समय तक यौन शोषण का आरोप लगाया था। वे तब जमुई में बीएमपी-11 के कमांडेंट पद पर तैनात थे। इसके साथ ही देवघर में एसपी रहते हुए भी उन पर एक विदेशी महिला से छेड़छाड़ करने का आरोप लगा था।