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पटना हॉस्टल केस में बड़ा खुलासा जल्द?: 25 संदिग्धों का DNA, 11 दिन की ट्रैवल हिस्ट्री से जोड़ी जा रही कड़ियां

मनीष रंजन का कई सफेदपोश लोगों के साथ उठना-बैठना था। एसआईटी इस पहलू को ध्यान में रखते हुए उससे जुड़े संपर्कों और गतिविधियों की जानकारी एकत्र कर रही है।
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Jan 29, 2026
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पटना हॉस्टल की जांच करती पुलिस। सांकेतिक तस्वीर

पटना के हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा के साथ दरिंदगी मामले में बुधवार को एसआईटी ने हॉस्टल संचालिका के बेटे समेत 10 लोगों के ब्लड सैंपल डीएनए जांच के लिए। अब तक पुलिस ने इस मामले में कुल 25 लोगों के ब्लड सैंपल डीएनए परीक्षण के लिए एकत्र कर चुकी है। सभी नमूने मजिस्ट्रेट और एसआईटी की मौजूदगी में लिए गए हैं। 25 में 15 पटना और 10 जहानाबाद के लोग हैं। पुलिस का कहना है कि डीएनए जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्य आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पहले एसआईटी ने पटना से लेकर जहानाबाद तक कई स्थानों पर छापेमारी कर अहम सुराग जुटाने का दावा किया है। जांच एजेंसी का मानना है कि इन सबूतों से मामले की गुत्थी सुलझाने में मदद मिलेगी।

मनीष रंजन के पैतृक गांव में छापेमारी

 इससे पहले पुलिस ने हॉस्टल के मकान मालिक मनीष रंजन के पैतृक गांव में भी छापेमारी की थी। यह कार्रवाई जहानाबाद जिले के मखदुमपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत खरका गांव में की गई, जहां से कई महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की गई है। पुलिस ने गांव में रह रहे मनीष रंजन के परिजनों से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास किया कि मनीष अंतिम बार कब गांव आया था और उस दौरान वह किन-किन स्थानों पर गया था। दरअसल, पुलिस जांच में सामने आया है कि हॉस्टल का मकान मालिक मनीष रंजन और पीड़िता 5 जनवरी को जहानाबाद से पटना आए थे। इसी कड़ी को जोड़ते हुए एसआईटी मामले की गहन जांच कर रही है और दोनों के आवागमन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

कई महत्वपूर्ण सुराग मिले

पुलिस जांच में सामने आया है कि मनीष रंजन का कई सफेदपोश लोगों के साथ उठना-बैठना था। एसआईटी इस पहलू को ध्यान में रखते हुए उससे जुड़े संपर्कों और गतिविधियों की जानकारी एकत्र कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह किन लोगों के साथ सबसे अधिक समय बिताता था।

इसी क्रम में पटना और जहानाबाद में रहने वाले उसके पड़ोसियों से भी पूछताछ की गई है। एसआईटी ने इन बिंदुओं पर लंबी पूछताछ कर कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ जुटाने का दावा किया है। छापेमारी के दौरान कुछ अहम दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। हालांकि, एसआईटी ने आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया है कि आसपास के लोगों ने मनीष रंजन के बारे में क्या जानकारी दी है।

खंगाली जा रही ट्रैवल हिस्ट्री

एसआईटी पटना पुलिस की मदद से पीड़िता की पिछले 11 दिनों की ट्रैवल हिस्ट्री की जांच कर रही है। जांच के तहत 27 दिसंबर से 5 जनवरी के बीच पीड़िता किन-किन लोगों से मिली, कहां-कहां गई और किनसे बातचीत हुई—इन सभी बिंदुओं की पड़ताल की जा रही है।

पुलिस के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पीड़िता 27 दिसंबर को शंभू हॉस्टल से अपने परिजनों के साथ जहानाबाद गई थी। इसके बाद वह 5 जनवरी को वापस पटना लौटी थी। अब पुलिस यह जानकारी जुटाने में लगी है कि घर जाने के दौरान वह किन लोगों के संपर्क में थी और उस अवधि में उसकी गतिविधियां क्या रहीं।

Updated on:
29 Jan 2026 09:31 am
Published on:
29 Jan 2026 09:31 am