
पटना हॉस्टल की जांच करती पुलिस। सांकेतिक तस्वीर
पटना के गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी करने वाली जहानाबाद की छात्रा की मौत मामले में सीआईडी की फॉरेंसिक की टीम ने शनिवार को एसआईटी को जांच रिपोर्ट सौंप दी। एफएसएल की रिपोर्ट में भी छात्रा के साथ दरिंदगी होने की बात कही गई है। हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर एसआईटी ने इसकी पुष्टि नहीं की गई है। इधर, पटना पुलिस की ओर से शनिवार की देर रात प्रेस रिलीज़ जारी करके कहा गया कि नीट छात्रा के कपड़ों में पुरूष के स्पर्म के मिले हैं। पुलिस की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ में लिखा गया है कि, "एफ़एसएल की ओर से किए गए परीक्षण में कथित तौर पर घटना के समय पहने अंडरगार्मेंट्स में मानव स्पर्म के अवशेष मिले हैं। एफ़एसएल द्वारा उनकी डीएनए प्रोफ़ाइलिंग की जा रही है।"
सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट सौंपी गई है। इस मामले के सामने आने के बाद एफएसएल की टीम ने हॉस्टल से कपड़े समेत कई नमूने लिए थे। इसकी पिछले एक सप्ताह से एफएसएल लैब जांच जांच चल रही थी। शुक्रवार की शाम एफएसएल जांच पूरी होने के बाद शनिवार को रिपोर्ट एसआईटी को सौंपी गई। पीएमसीएच के मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा किया था कि छात्रा से दरिंदगी (यौन शोषण) से इनकार नहीं किया जा सकता है। इसके बाद से इस मामले पर यह मामला तुल पकड़ लिया। परिजनों ने इससे पहले 09 जनवरी को चित्रगुप्त नगर थाना में बेटी के साथ दरिंदगी (यौन शोषण) से जुड़ा मामला दर्ज किया था। लेकिन, पुलिस ने तब पीड़िता के परिजनों के आरोपों को खारिज कर आत्म हत्या साबित करने में लगी थी। परिजनों ने पुलिस को लिख कर दी गई शिकायत में कहा था कि मेरी बेटी के शरीर पर कई जगह जख्मों के निशान हैं। निजी अंगों पर भी जख्म के निशान हैं। इससे साफ है कि उसके साथ दरिंदगी हुई है। लेकिन, पटना पुलिस ने इस मामले को तब खारिज कर दिया था।
पीएमसीएच के मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद हंगामा शुरू होने पर सरकार ने आनन-फानन में पटना पुलिस से जांच लेकर एसआईटी को सौंप दी। इसके बाद एसआईटी ने इस रिपोर्ट को पटना एम्स को भेजा था ताकि घटना से संबंधित इस रिपोर्ट की पुष्ट और प्रामाणिक जानकारी प्राप्त की जा सके। एम्स की टीम ने एसआईटी से और कागजात मांगे हैं। एम्स के 10 विशेषज्ञों की टीम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का गहन अध्ययन कर रही है। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी की ओर से सारे कागजात एम्स को दे दिए गए तो अगले एक दो दिनों के अंदर एम्स के विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने की संभावना है।
इस मामले की जांच कर रही एसआईटी की टीम शनिवार को राजेंद्र नगर स्थित प्राइवेट अस्पताल पहुंची थी।डॉक्टर और कर्मचारियों से टीम ने एक बार फिर से पूछताछ की है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस जानना चाह रही है कि तबीयत खराब होने के बाद जब पीड़िता को अस्पताल लाया गया था, तो क्या पहले से ही उसके सिर में चोट थी या अस्पताल में गिरने की वजह से उसके सर में चोट लगी थी। टीम ने छह जनवरी के दिन के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की है।
Updated on:
25 Jan 2026 10:19 am
Published on:
25 Jan 2026 09:40 am
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