पटना गर्ल्स हॉस्टल केस: FSL की रिपोर्ट सामने आने के बाद अभी तक फरार चल रहे हॉस्टल संचालिका नीलम अग्रवाल के दोनों बेटे समेत कई और लोगों की पुलिस अब डीएनए जांच करवाने की तैयारी में लगी है।
पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत ने अब नया मोड़ ले लिया है। फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों से ह्यूमन स्पर्म मिलने की पुष्टि हुई है। इसके बाद पटना के एसएसपी ने कड़ा एक्शन लेते हुए कदमकुंआ और चित्रगुप्त थाना की एसएचओ को सस्पेंड कर दिया है। पटना पुलिस शुरू में इस पूरे प्रकरण को आत्म हत्या बताकर रफा दफा करना चाह रही थी। लेकिन, परिजनों के दबाव में प्रतिदिन इस मामले में हो रहे नए खुलासे ने एक नया मोड़ ले लिया है। इसका ही परिणाम है कि पटना एसएसपी ने शनिवार को इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में दो पुलिस पदाधिकारी को निलंबित कर दिया है। अब पुलिस फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट के बाद इस मामले के आरोपी का डीएनए जांच के बाद अभियुक्तों तक पहुंचेगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पीड़ित छात्रा के परिवारवालों ने 10 जनवरी 2026 को छात्रा के कुछ कपड़े पुलिस को सौंपे थे। परिवार के लोगों का कहना था कि घटना के वक्त छात्रा ने वही कपड़े पहने थे। इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत इन कपड़ों को FSL भेजा गया है। शुक्रवार को जांच रिपोर्ट में इन कपड़ों पर ह्यूमन स्पर्म मिले हैं। अब FSL इन नमूनों की डीएनए प्रोफाइल बना रही है ताकि पहले से गिरफ्तार आरोपी से इसका मैच कराया जा सके। बता दे इस मामले में अभी तक मात्र गिरफ्तारी हुई है। शंभू गर्ल्स हॉस्टल मकान के मालिक मनीष रंजन की ही इस मामले में गिरफ्तारी हुई है। पुलिस सबसे पहले उसकी जांच करवायेगी।
FSL की रिपोर्ट सामने आने के बाद इस पूरे मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस के सामने आरोपी की गिरफ्तारी एक बड़ी चुनौती होगी। डीएनए मैच के जरिए पुलिस सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश करेगी। अधिकारियों का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि अभी तक फरार चल रहे हॉस्टल संचालिका नीलम अग्रवाल के दोनों बेटे समेत कई और लोगों की पुलिस अब डीएनए जांच करवाने की तैयारी में लगी है।