Patna Hostel Case: पटना पुलिस ने NEET छात्रा केस को लेकर 15 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस की। IG जितेंद्र राणा और SSP कार्तिकेय शर्मा ने घटना के बारे में अपना पक्ष रखा, लेकिन पत्रकारों के तीखे सवालों का जवाब देने के बजाय अधिकारी वहां से चले गए।
Patna Hostel Case: पटना के चित्रगुप्त नगर पुलिस स्टेशन इलाके में शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में बुधवार को पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। करीब 15 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिहार पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने अपनी बातें रखी, लेकिन जैसे ही पत्रकारों ने सीधे और तीखे सवाल पूछने शुरू किए, अधिकारियों ने “नो कमेंट्स” कहकर चुप्पी साध ली और फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म कर दी। इस दौरान पटना रेंज के IG जितेंद्र राणा और SSP कार्तिकेय शर्मा के साथ अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधिकारियों ने अब तक की जांच के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल का CCTV DVR जब्त कर लिया गया है और उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। फुटेज में छात्रा 5 जनवरी को एक दोस्त के साथ अपने कमरे में घुसती दिखी। वह थोड़ी देर के लिए बाहर आई, लेकिन फिर कमरे से बाहर नहीं निकली। 6 जनवरी की सुबह जब नाश्ते के लिए बुलाने पर कोई जवाब नहीं मिला, तो हॉस्टल स्टाफ ने दरवाजा खोला और छात्रा को बेहोश पाया।
पुलिस ने यह भी बताया कि पटना जंक्शन से हॉस्टल तक छात्रा के सफर का CCTV फुटेज देखा गया है, ऑटो-रिक्शा ड्राइवर से पूछताछ की गई है और उसका मोबाइल फोन, कपड़े और दवाएं फॉरेंसिक जांच के लिए भेजी गई हैं। अधिकारियों ने माना कि छात्रा के एक कपड़े पर स्पर्म मिला है और यौन उत्पीड़न की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
इस दौरान पत्रकारों ने जब सवाल पूछा कि अभी तक DNA मैच क्यों नहीं मिला, घटना की जगह (पटना या जहानाबाद) अभी भी साफ क्यों नहीं है और पुलिस ने शुरू में इसे आत्महत्या क्यों बताया था, तो जवाब टालमटोल वाले थे। SSP कार्तिकेया शर्मा ने कई सवालों के जवाब में बार-बार "नो कमेंट्स" कहा। इसके बाद IG जितेंद्र राणा ने यह कहते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म कर दी कि अब यह मामला सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को सौंप दिया गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म होते ही पुलिस अधिकारी तेजी से उठे और बाहर निकल गए। बाहर खड़े पत्रकारों ने दोबारा सवाल करने की कोशिश की, लेकिन अधिकारी बिना रुके अपनी-अपनी गाड़ियों में बैठकर निकल गए।
बिहार सरकार की सिफारिश के बाद, इस पूरे मामले की जांच अब CBI को सौंपी जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि SIT द्वारा इकट्ठा किए गए सभी दस्तावेज, सबूत और फोरेंसिक रिपोर्ट CBI को सौंप दिए जाएंगे। लेकिन सवाल यह है कि क्या CBI जांच उन सवालों के जवाब दे पाएगी, जिनसे बिहार पुलिस अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बचती नजर आई थी? फिलहाल, NEET छात्रा की मौत की गुत्थी अब भी अनसुलझी हुई है।