पटना

पटना हॉस्टल कांड: दीदी बनकर आती हैं दलाल, फिर मिलता है रुपयों का ऑफर! छात्रा ने बताई ‘हनी ट्रैप’ की कहानी

पटना गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े लोगों का कहना है कि वार्डन की मिली भगत छात्रा हॉस्टल से बाहर निकलती हैं। शुरू में तो इनको बिना पैसा के आने जाने दिया जाता हैं।

2 min read
Jan 21, 2026
पटना हॉस्टल की जांच करती पुलिस। सांकेतिक तस्वीर

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली छात्रा की मौत पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने एक बड़े सेक्स रैकेट से जोड़ते हुए पुलिस-प्रशासन पर तीखे हमला बोला है। उन्होंने हॉस्टल संचालक मनीष रंजन पर रसूखदार नेताओं और अधिकारियों को लड़कियां सप्लाइ करने का आरोप लगाया। पप्पू यादव ने दावा किया कि हॉस्टल की आड़ में सेक्स रैकेट का कारोबार चलता था। पुलिस के संरक्षण में यह अवैध धंधे फल-फूल रहा था। पप्पू यादव के इस बयान के इस बयान के बाद पटना गर्ल्स हॉस्टल से चलने वाले सेक्स रैकेट पर चर्चा शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार जांच का दायरा बढ़ने पर पटना के कई रसूकदारों के नाम भी सेक्स रैकेट के इस काले कारनामें में आने के बाद पुलिस पर पूरे मामले को रफा दफा करने का दबाव बनता जा रहा है।

ये भी पढ़ें

पटना हॉस्टल कांड: हॉस्टल था या सेक्स रैकेट का अड्डा? पप्पू यादव ने कहा- नेताओं को लड़कियां भेजता था मनीष

कौन है सूत्रधार

पटना में गर्ल्स हॉस्टल और कोचिंग में सेक्स रैकेट के दलालों की गहरी पैठ है। यहां पर बाहर से पढ़ने आने वाली लड़कियों को पहले अपने चंगुल में फंसाती हैं, फिर वे उसे धंधे में लगाती हैं। सूत्रों का कहना है कि 16-17 साल की लड़कियों को ये पैसा, फैशन और बदलते जमाने के ऐशो आराम का सपना दिखाकर उनको अपने चंगुल में फंसाती है। पटना के प्रतिष्ठ कोचिंग संस्थान में पढ़ने आने वाली लड़कियों को मोटिवेट करने के लिए सीनियर लड़कियां कमान संभाली हुई हैं। संस्थान में पढ़ने वाली एक छात्रा ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि कोचिंग संस्थना के लाइब्रेरी में मैं पढ़ रही थी। दो सीनियर दीदी आकर पहले तो मेरी तारीफ किया, फिर उन्होंने आठ-दस लड़कों का फोटो दिखाकर उसपर रेटिंग मांगी। छात्रा ने कहा कि उसके बाद दोनों दीदी ने मुझे खुलकर कुछ समय बिताने के लिए 25 से 40 हजार रूपया देने का ऑफर दिया। इंकार करने पर वे लोग काफी परेशान भी करती है। छात्रा ने इससे परेशान होकर कोचिंग जाना छोड़ दिया।

हॉस्टल से कैसे चलता है नेटवर्क

पटना गर्ल्स हॉस्टल से जुड़े लोगों का कहना है कि वार्डन की मिली भगत छात्रा हॉस्टल से बाहर निकलती हैं। शुरू में तो इनको बिना पैसा के आने जाने दिया जाता हैं। लेकिन, कुछ समय बाद ये लड़कियों से प्रदिन के हिसाब से 1000 से 1500 रूपया वसूला करती हैं। सूत्रों का कहना है कि हॉस्टल में ये ही सूत्रधार का काम करती हैं। लड़कों से मिलवाने से लेकर होटल तक की व्यवस्था इनकी होती है।

बैरिया और दानापुर के होटलों में जाती हैं लड़कियां

गर्ल्स हॉस्टल के कारोबार से जुड़े सौरभ ने कहा कि यहां काफी दलदल है। हर वक्त बदनामी का भय बना रहता है। इसकी वजह से ही हमने अपना गर्ल्स हॉस्टल बंद कर दिया। मखनिया कुंआ के गर्ल्स हॉस्टल में तो इसको लेकर अक्सर मारपीट भी होते रहते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ हॉस्टल तो इसको लेकर इतने बदनाम हैं कि रात में आप वहां जाकर देखें कई महंगी गाड़ियां वहां लगी रहती है। क्यों लगी रहती है उसमें कौन आता-जाता है वहां पर लगे सीसीटीवी कैमरे से असानी से देखे जा सकते हैं। लेकिंन गर्ल्स हॉस्टल से मिलने वाली मोटी रकम की वजह से कुछ भी चेक नहीं किया जाता है। सौरभ कहते हैं कि हॉस्टल से सबसे ज्यादा लड़कियां दानापुर और बैरिया बस स्टैंड के पास बने गेस्ट हाउस और होटलों में लड़कियों को ले जाया जाता है।

ये भी पढ़ें

पटना हॉस्टल कांड: पीड़िता ने मां को बताई थी उस काली रात की पूरी कहानी, हॉस्टल में कैसे हुई थी दरिंदगी

Published on:
21 Jan 2026 09:29 am
Also Read
View All

अगली खबर