पटना

पटना गर्ल्स हॉस्टल: रेप के बाद छात्रा की मौत के एक महीने बाद गाइडलाइन जारी, ये करना होगा अब जरूरी…

बिहार सरकार ने गर्ल्स हॉस्टल की सुरक्षा को लेकर बुधवार को गाइड लाइन जारी कर दिया।
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Feb 04, 2026
guidelines for girls hostels।
guidelines for girls hostels। फोटो- AI

पटना में रहकर नीट ( NEET) की तैयारी करने वाली छात्रा की रेप के बाद मौत के लगभग एक महीने बाद, बिहार पुलिस ने बुधवार को राज्य भर में चल रहे लड़कियों के हॉस्टल और लॉज के लिए गाइडलाइंस जारी किया। गाइडलाइंस में हॉस्टल या लॉज का रजिस्ट्रेशन और कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है, जबकि परिसर के मुख्य इलाकों में CCTV कैमरे लगाने पर ज़ोर दिया गया है।

जहानाबाद की रहने वाली थी छात्रा

जहानाबाद की रहने वाली NEET छात्रा 6 जनवरी को पटना के चित्रगुप्त नगर में शंभू गर्ल्स हॉस्टल में बेहोश मिली थी। कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को एक प्राइवेट अस्पताल में उसकी मौत हो गई। उसके परिवार ने आरोप लगाया था कि उसके साथ यौन उत्पीड़न हुआ था, और अधिकारियों पर मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। बाद में, पुलिस ने हॉस्टल के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया।

 गाइडलाइंस जारी

बुधवार को राज्य के सभी SSP और SP को भेजी गई गाइडलाइंस में राज्य में हर गर्ल्स हॉस्टल और लॉज का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। गाइडलाइंस में लिखा है, "हर पुलिस स्टेशन अपने अधिकार क्षेत्र के सभी हॉस्टल का पूरा ब्यौरा रखेगा ताकि ज़रूरत पड़ने पर उनके बारे में जानकारी मिल सके। यह ज़िम्मेदारी बिहार पुलिस के महिला हेल्प डेस्क को सौंपी गई है।"

24 घंटे महिला वार्डन

गाइडलाइंस के अनुसार, "सभी कर्मचारियों-जिसमें वार्डन, गार्ड, कुक और सफाई कर्मचारी शामिल हैं-का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। सुरक्षा के मकसद से, मुख्य गेट, गलियारों, डाइनिंग एरिया और हॉस्टल परिसर के अंदर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखी जाएगी।"सभी गर्ल्स हॉस्टल/लॉज में 24 घंटे महिला वार्डन का होना अनिवार्य है।

हॉस्टल में पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई की उचित व्यवस्था, मज़बूत दरवाज़े और ताले, और खिड़कियों पर लोहे की ग्रिल होनी चाहिए। हॉस्टल में आने वाले हर विज़िटर का नाम और मोबाइल नंबर उनके आधार नंबर के साथ विज़िटर रजिस्टर में दर्ज किया जाना चाहिए। लड़कियों के रिहायशी हॉस्टल में पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा।

इमरजेंसी नंबर के पोस्टर लगाने होंगे

आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए, सभी हॉस्टल में स्थानीय पुलिस स्टेशन, महिला हेल्प डेस्क, इमरजेंसी नंबर 112 के संपर्क विवरण वाले पोस्टर लगाए जाने चाहिए। गाइडलाइंस पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, "बिहार सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रही है... महिलाओं को स्कूलों, कॉलेजों, कार्यस्थलों और रिहायशी इलाकों में सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए।"

Updated on:
04 Feb 2026 11:36 pm
Published on:
04 Feb 2026 11:36 pm