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पटना का करोड़पति चायवाला! ग्राहक बनकर पहुंची पुलिस तो खुला राज, स्मैक-चरस, सोना और हथियार बरामद

Bihar Crime:  पटना पुलिस ने एक चाय की दुकान की आड़ में चल रहे करोड़ों रुपये के ड्रग रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने छापेमारी कर एक ही परिवार के छह लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से चरस-गांजा, हथियार, सोना और 12 लाख रुपये से ज्यादा कैश बरामद किया।
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Dec 25, 2025
bihar crime
यह एक सांकेतिक तस्वीर है

Bihar Crime: पटना में एक साधारण सी चाय की दुकान के पीछे छिपे खतरनाक नशे के नेटवर्क का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। मनेर थाना क्षेत्र के हॉस्पिटल मोड़ के पास चाय बेचने वाला यह परिवार बाहर से जितना साधारण दिखता था, अंदर से उतना ही शातिर निकला। चाय की दुकान की आड़ में स्मैक, चरस और गांजे का संगठित कारोबार चलाया जा रहा था, जिसके तार नेपाल समेत कई राज्यों से जुड़े पाए गए हैं। पटना पुलिस की सटीक प्लानिंग और फिल्मी अंदाज की कार्रवाई के बाद इस पूरे नेक्सस पर से पर्दा उठा है।

ग्राहक बनकर पहुंची पुलिस, फिर बिछाया जाल

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मनेर के हॉस्पिटल मोड़ स्थित एक चाय दुकान से नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री हो रही है। सूचना की पुष्टि के लिए पटना एसएसपी के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने सीधे छापेमारी करने के बजाय पहले भेष बदलने की रणनीति अपनाई।

पहले एक पुलिसकर्मी को ग्राहक बनाकर चाय दुकान पर भेजा गया, जहां सौदे की पुष्टि होते ही पूरा नेटवर्क एक्टिव हो गया। इसके बाद पुलिस ने तय समय पर दबिश दी और चाय दुकान से जुड़े उसी मकान में छापेमारी की, जहां से नशे का असली कारोबार संचालित किया जा रहा था।

एक ही परिवार के 6 सदस्य गिरफ्तार

छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक ही परिवार के कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में शुभम, प्रियतम, अभिषेक, सरोज कुमार, एक अन्य अभिषेक और सोनी गुप्ता शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड शुभम और प्रियतम हैं, जिन्होंने मिलकर नशे का यह कारोबार खड़ा किया था। बताया जा रहा है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और चाय की दुकान को कवर के तौर पर इस्तेमाल कर रहा था, ताकि किसी को शक न हो।

नेपाल से पटना तक फैला था नेटवर्क

जांच में सामने आया है कि स्मैक और चरस की सप्लाई नेपाल से होती थी, जिसे पटना और आसपास के इलाकों में खपाया जाता था। इसके अलावा अन्य राज्यों से भी इस नेटवर्क के संपर्क सामने आए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सप्लाई चैन में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और किन रास्तों से नशीले पदार्थ लाए जा रहे थे।

छापेमारी में क्या-क्या हुआ बरामद

  • 545 ग्राम स्मैक
  • 558.90 ग्राम चरस
  • 90 ग्राम गांजा
  • 131.70 लीटर अवैध शराब
  • 01 देशी कट्टा
  • 03 जिंदा कारतूस
  • 01 पिस्टल का मैगजीन
  • करीब 12.16 लाख रुपये नकद
  • सोना-चांदी के बिस्किट और आभूषण
  • कई मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और वाहन

अब अटैच होगी संपत्ति

पटना एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि अवैध धंधे से इस परिवार ने अकूत संपत्ति अर्जित की है। पुलिस अब इस मामले में मनी ट्रेल की जांच कर रही है और अपराध से अर्जित संपत्तियों को जब्त (अटैच) करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है और इस तरह के नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा।

महिलाओं से भी पूछताछ

पुलिस इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के परिवार की महिलाओं से भी पूछताछ कर रही है। आशंका है कि उन्हें भी कारोबार की जानकारी थी या किसी स्तर पर वे इसमें शामिल थीं। पूछताछ के दौरान और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

Updated on:
25 Dec 2025 08:07 pm
Published on:
25 Dec 2025 08:07 pm