
Patna Crime News पटना के सरकारी स्कूल में 5वीं की छात्रा की जिंदा जलकर मौत मामले में एक नया मोड़ आया है। बच्ची के परिजन ने हत्या का आरोप लगाते कहा है कि छात्रा ने स्कूल के पुरुष और महिला टीचर को आपत्तिजनकर स्थिति में देख लिया था। इसकी शिकायत बच्ची किसी से नहीं कर दे, इसको लेकर छात्रा को धमकी दी जा रही थी। इससे परेशान होकर वो स्कूल कुछ दिन गई थी। दो दिन बाद जब वो स्कूल गई तो उसे जिंदा जला दिया गया। बुधवार की सुबह असेंबली के समय चितकोहरा कन्या मध्य विद्यालय में 12 वर्षीय छात्रा की बाथरूम में जिंदा जल गई थी, जिसकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
मृत छात्रा की बड़ी बहन का कहना है कि घटना वाले दिन बच्ची घर से 9 बजे स्कूल गई थी। करीब 10 बजकर 10 मिनट पर यह घटना हुई। लेकिन, इसकी सूचना हम लोगों को नहीं दी गई। जबकि स्कूल के बगल में ही घर है। पुलिस से हम लोगों को दिन के 12 बजे छात्रा के झुलसने की सूचना दी गई। छात्रा की बड़ी बहन स्कूल के शिक्षक पर गंभीर आरोप लगाया है।
छात्रा की बड़ी बहन के अनुसार छात्रा ने एक शिक्षक और शिक्षिका को गंदा काम करते हुए देख लिया था। इसके बाद शिक्षक एक हफ्ते से उसे शिकायत नहीं करने के लिए धमका रहे थे। शुक्रवार को जुम्मा और अगले दो दिन छुट्टी होने के कारण छात्रा स्कूल नहीं गई थी। इधर, पटना सिटी एसपी सेंट्रल दीक्षा ने गुरुवार को बताया कि छात्रा के पिता के बयान पर केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है। घटना की सच्चाई जानने के लिए स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए, लेकिन सभी खराब पाए गए।
पुलिस की ओर से अभी तक की गई प्रारंभिक जांच में पता चला है कि घटना के समय शौचालय का दरवाजा अंदर से बंद था। बाद में किसी तरह दरवाजे की कुंडी खोलकर छात्रा को बाहर निकाला गया था। गुरुवार को स्कूल के टीचर और आसपास के लोगों से पुलिस ने पूछताछ की। दोपहर में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की टीम भी जांच के लिए पहुंची थी, मगर स्कूल बंद होने से वापस लौट गई।
मृत छात्रा के पिता का आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या में स्कूल के शिक्षकों का हाथ है। उन्होंने इंसाफ की मांग की है। बेटी के हत्यारों को फांसी की सजा होने की बात कही।