
Bankipur by-election: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर चुनाव प्रचार जोरों पर है। रविवार को प्रचार के दौरान जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर सीट से उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने भाजपा और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर हमला बोल। प्रशांत किशोर ने कहा कि यह उपचुनाव सिर्फ एक विधायक चुनने के लिए नहीं है, बल्कि यह भाजपा के अहंकार को तोड़ने और बिहार में सम्राट चौधरी से किसी बेहतर व्यक्ति को सीएम बनने का चुनाव है। प्रशांत किशोर ने कहा कि इस बार बांकीपुर की जनता ने किसी पार्टी के पारंपरिक प्रभाव में आने के बजाय, राज्य की स्थिति और दिशा को बदलने के लिए वोट करने का संकल्प लिया है।
BJP का गढ़ माने जाने वाले बांकीपुर में प्रशांत किशोर ने कहाकि यह चुनाव सिर्फ बांकीपुर के लिए नया विधायक चुनने के बारे में नहीं है। यह बिहार के मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बेहतर किसी व्यक्ति को चुनने की लड़ाई है। बांकीपुर की जनता को यह तय करना होगा कि क्या बिहार को एक नई राजनीतिक व्यवस्था और एक नए विकल्प की जरूरत है या नहीं।
प्रशांत किशोर ने पिछले 35 वर्षों से बांकीपुर सीट पर BJP के दबदबे पर कहा कि यह चुनाव बीजेपी के पुराने अहंकार को तोड़ने की लड़ाई है, जहां उनके नेता और रणनीतिकार यह दावा करते थे कि वे बांकीपुर में किसी कुत्ते या बिल्ली को भी टिकट दे दें, तो भी यहां की जनता आंख मूंदकर कमल के निशान पर वोट दे देगी। लेकिन आज, जन सुराज की ताकत और जनता की जागरूकता ने उनकी नींद उड़ा दी है। उनकी हालत ऐसी हो गई है कि वे अपनी साख बचाने के लिए देश भर से बड़े नेताओं को बुला रहे हैं और वोट मांगने के लिए घर-घर और गली-गली जाने को मजबूर हैं।
प्रचार के लिए बड़े नेताओं को उतारने के लिए बीजेपी पर तंज कसते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि भाजपा के बड़े-बड़े मंत्री और नेता यहां सड़कों पर चक्कर काट रहे हैं और यही तो जन सुराज पहले दिन से कहता आ रहा है की यदि समाज के लोग और आम जनता एक बार अपने अधिकारों के लिए जाग जाए, तो बड़े से बड़े मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को जनता के दरवाजे पर खुद चलकर नाक रगड़नी ही पड़ती है।
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि जन सुराज के डर से बीजेपी ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में ही अपने लगभग 6,000 कार्यकर्ताओं और नेताओं को तैनात किया है। दिल्ली से लेकर पटना तक कोई भी बड़ा नेता प्रचार से दूर नहीं रहा है। यहां तक कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी रणनीति बनाने के लिए खुद यहां आकर डेरा डालना पड़ा है।
हाल ही में चुनाव प्रचार के दौरान मंच पर अचानक पत्थर फेंके जाने की घटना के बारे में पूछे जाने पर प्रशांत किशोर ने शांति से सभी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि कोई जानलेवा या बड़ा हमला नहीं हुआ था। एक जनसभा चल रही थी, तभी भीड़ में पीछे खड़े एक उपद्रवी ने मंच की ओर एक छोटा सा पत्थर फेंका। यह एक बेहद मामूली और छोटी सी घटना थी, इसमें कोई बड़ी या गंभीर बात नहीं है जिसे राजनीतिक मुद्दा बनाया जाए। जन सुराज के बढ़ते काफिले को ऐसी छोटी-मोटी हरकतों से रोका नहीं जा सकता।