पटना

Dustbin Scam: प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव और मंगल पांडेय को लपेटा, बोले- एक ने शुरू किया, दूसरे ने पूरा, दोनों की हो जांच

Dustbin Scam: प्रशांत किशोर ने बिहार स्वास्थ्य विभाग के डस्टबिन खरीद मामले को लेकर कहा कि अगर 500-1,000 का डस्टबिन 15,000 में खरीदा गया है तो यह गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया तेजस्वी यादव के स्वास्थ्य मंत्री रहते शुरू हुई और मंगल पांडेय के कार्यकाल में पूरी हुई, इसलिए दोनों कार्यकाल से जुड़े तथ्यों की जांच होनी चाहिए।
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Updated: 2 Sep 2026, 5:24 PM IST
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बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर (फोटो- X@MaithilAnup)

Bihar Dustbin Scam: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार के स्वास्थ्य विभाग में कथित डस्टबिन घोटाले के लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि अगर 500-1,000 रुपये कीमत वाला डस्टबिन 15,000 रुपये में खरीदा गया, तो यह निश्चित रूप से एक गंभीर मामला है और इसमें शामिल मंत्रियों और अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। प्रशांत किशोर ने कहा कि डस्टबिन खरीदने की प्रक्रिया दो अलग-अलग स्वास्थ्य मंत्रियों के कार्यकाल में हुई। उनके मुताबिक, खरीद का मामला उस समय शुरू हुआ जब तेजस्वी यादव स्वास्थ्य मंत्री थे, जबकि इसे मंगल पांडेय के मंत्री बनने के बाद पूरा किया गया।

जिम्मेदारी तय होनी चाहिए- प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने कहा कि मीडिया में सामने आ रहे तथ्य और जानकारी बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि मैंने पहले भी कहा है कि अगर 500 से 1000 रुपये का डस्टबिन 15,000 रुपये में खरीदा गया है, तो निश्चित तौर पर उस विभाग से जुड़े मंत्री और संबंधित अधिकारी सीधे तौर पर दोषी हैं। उन्होंने कहा कि जब जनता के पैसों की इस तरह लूट होगी, तो जिम्मेदारी तय होनी ही चाहिए।

तेजस्वी यादव-मंगल पांडे की होनी चाहिए जांच

घोटाले की समय-सीमा बताते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बार-बार पाला बदलने की वजह से इस खरीद में दो अलग-अलग स्वास्थ्य मंत्रियों का कार्यकाल शामिल रहा। उन्होंने बताया कि डस्टबिन खरीद का मामला तब शुरू हुआ जब तेजस्वी यादव स्वास्थ्य मंत्री थे। बाद में, सरकार बदलने और मंगल पांडे के स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद प्रक्रिया पूरी हुई।

प्रशांत किशोर ने कहा कि उनके पास मौजूद दस्तावेजों और जानकारी से साफ पता चलता है कि गड़बड़ी दोनों मंत्रियों के कार्यकाल के दौरान हुई, इसलिए तेजस्वी यादव और मंगल पांडे दोनों की भूमिका की गहन जांच होनी चाहिए।

दोनों मंत्रियों के दौर में एक ही अफसर था मुख्य कर्ताधर्ता

प्रशांत किशोर ने आगे बताया कि इस पूरे मामले में एक वरिष्ठ अधिकारी की भूमिका सबसे संदिग्ध है। उन्होंने कहा कि अभी उस पदाधिकारी का नाम नहीं लेना चाह रहा हूं, लेकिन वह अधिकारी दोनों ही स्वास्थ्य मंत्रियों के कार्यकाल में मुख्य व्यक्ति रहे हैं। उन्हीं की देखरेख में यह पूरा गलत काम हुआ है। पीके ने आरोप लगाया कि यही कारण है कि इस मुद्दे पर राजद के नेता पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं और कोई स्पष्टीकरण नहीं दे रहे हैं।

भ्रष्टाचार करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए

प्रशांत किशोर ने डस्टबिन घोटाला के मुद्दे को जाति की राजनीति से जोड़ने की कोशिशों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मंगल पांडेय पर भ्रष्टाचार के सबूत के साथ आरोप लगाने वाले शुरुआती लोगों में वह खुद रहे हैं और आज मंगल पांडेय मंत्री नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनके लिए भ्रष्टाचार का मुद्दा किसी व्यक्ति, परिवार या जाति से ऊपर है। अगर कोई भ्रष्टाचार करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह किसी भी जाति या समूह का हो।

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2 Sep 2026, 5:24 PM IST
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