पटना

‘जनता पाई-पाई को मोहताज और अफसर चार्टर में सवार’, IAS की लक्जरी यात्रा पर भड़की प्रशांत किशोर की पार्टी

बिहार के एक सीनियर IAS ऑफिसर की यात्रा ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने चार्टर्ड प्लेन यात्रा के लिए नीतीश कुमार सरकार की आलोचना की है और इसे सरकारी पैसे का गलत इस्तेमाल और बेलगाम ब्यूरोक्रेटिक अय्याशी बताया है।

2 min read
Feb 15, 2026
चार्टर प्लेन (सांकेतिक तस्वीर)

Bihar News: बिहार में पोस्टेड एक सीनियर IAS ऑफिसर के अपने परिवार के साथ चार्टर प्लेन में घूमने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस स्थिति की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि जहां बिहार के आम लोग एक-एक पैसे के लिए जूझ रहे हैं, वहीं 'सुशासन' के अधिकारी लाखों रुपये के चार्टर प्लेन में घूम रहे हैं।

ये भी पढ़ें

चाय की दुकान पर बैठे थे दो दोस्त, तभी चलने लगी गोलियां, पटना में महाशिवरात्रि के दिन शूटआउट

मनोज भारती ने क्या कहा?

जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "बिहार की जनता पाई-पाई के लिए संघर्ष कर रही है और एक IAS अधिकारी चार्टर विमान से सैर कर रहा है! क्या यही सुशासन है?" उन्होंने सरकार से सवाल पूछते हुए आगे लिखा, "सरकार बताए कि किसके पैसे से यह ऐशो-आराम? अगर सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है तो तत्काल जांच और कार्रवाई हो। बिहार की जनता जवाब मांग रही है! जय बिहार, जय जय बिहार।"

क्या है विवाद?

मामला कुछ महीने पुराना है। पटना एयरपोर्ट पर एक प्राइवेट जेट उतरा, जिसके बाद हलचल मच गई। एयरपोर्ट स्टाफ को लगा कि कोई उद्योगपति या कोई बड़ा VIP आ गया है। लेकिन, इसके बजाय एक IAS ऑफिसर और उनका परिवार प्लेन से उतर गए। यह साफ नहीं है कि यह IAS ऑफिसर कौन था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विमान मिड-साइज लक्जरी जेट श्रेणी का था, जिसका किराया आम यात्रियों की पहुंच से बहुत दूर माना जाता है।

एविएशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली से पटना की एक तरफ की फ्लाइट में फ्यूल, क्रू, एयरपोर्ट फीस और दूसरे चार्ज मिलाकर लगभग 18 से 25 लाख रुपये का खर्च आता है। इसकी तुलना में, कमर्शियल फ्लाइट से यही सफर सिर्फ कुछ हजार रुपये का होता है। यह फर्क विवाद का कारण बन गया है। सवाल यह है कि क्या किसी सरकारी अधिकारी की सैलरी इतनी है कि वह इतनी बड़ी रकम निजी यात्रा पर खर्च कर सके?

मुद्दा विधानसभा में भी उठा मुद्दा

इस मामले को लेकर विपक्षी पार्टी RJD भी हमलावर है। RJD MLA राहुल शर्मा ने हाल ही में सदन में यह मुद्दा उठाते हुए सरकार से ऑडिट की मांग की थी। उन्होंने सवाल किया कि प्लेन रेगुलर टर्मिनल के बजाय सीधे फ्लाइंग इंस्टीट्यूट क्यों गया। उनका कहना है कि अगर यह एक प्राइवेट ट्रिप थी, तो पैसे कहां से आए? और अगर किसी खास व्यक्ति या संस्था ने ट्रिप के लिए पैसे दिए, तो बदले में क्या उम्मीद की गई थी?

सूत्रों का कहना है कि इस ट्रिप को प्राइवेट बताया जा रहा है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि एक सरकारी अधिकारी के लिए 'प्राइवेट' और 'कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट' के बीच की लाइन बहुत पतली होती है। अगर किसी तीसरे पक्ष ने यह सुविधा दी है, तो पारदर्शिता जरूरी है। अभी तक आधिकारिक स्तर पर विस्तृत स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, जिससे अटकलें और तेज हो रही हैं। चर्चा इस बात पर भी है कि घोषित आय-संपत्ति और इतनी महंगी उड़ान के बीच तालमेल कैसे बैठता है।

ये भी पढ़ें

IND vs PAK मैच से पहले खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने ईशान किशन के लिए कही बड़ी बात, वैभव सूर्यवंशी के लिए भी किया ऐलान

Updated on:
15 Feb 2026 03:45 pm
Published on:
15 Feb 2026 03:43 pm
Also Read
View All

अगली खबर