पटना

 बांकीपुर उपचुनाव से पहले PK की पूजा-पाठ वाली रणनीति, क्या बदलेंगे चुनावी समीकरण?

Bankipur By Election: बांकीपुर उपचुनाव में नामांकन से पहले प्रशांत किशोर ने बाबा हरिहरनाथ मंदिर में पूजा की। इससे पहले वह महावीर मंदिर और शिव मंदिर भी जा चुके हैं। उनकी लगातार मंदिर यात्राओं को लेकर बिहार की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
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Jul 13, 2026
हरिहरनाथ मंदिर में पूजा करते प्रशांत किशोर
हरिहरनाथ मंदिर में पूजा करते प्रशांत किशोर

Bankipur By Election:बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने से पहले प्रशांत किशोर ने पटना से सटे सोनपुर स्थित प्रसिद्ध बाबा हरिहरनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इससे पहले, जन सुराज की ओर से उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद उन्होंने पटना जंक्शन स्थित महावीर (हनुमान) मंदिर में दर्शन किए थे और उसी शाम बोरिंग रोड स्थित शिव मंदिर में रुद्राभिषेक भी कराया था।

नामांकन से पहले मंदिर पहुंचे प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर की लगातार मंदिर यात्राओं को लेकर बिहार की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषक इसे चुनावी रणनीति के तौर पर देख रहे हैं। माना जा रहा है कि वह बीजेपी के पारंपरिक हिंदुत्व और सांस्कृतिक विमर्श के मुकाबले अपनी अलग राजनीतिक छवि गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि प्रशांत किशोर हिंदू मतदाताओं के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। हालांकि, इस रणनीति को लेकर प्रशांत किशोर या उनकी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

बांकीपुर में सवर्ण वोट पर जंग

बांकीपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी की चुनावी मजबूती का प्रमुख आधार उसके पारंपरिक सवर्ण वोट बैंक को माना जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बीजेपी लंबे समय से हिंदुत्व और आरजेडी के खिलाफ राजनीतिक ध्रुवीकरण जैसे मुद्दों के जरिए इस वर्ग को अपने पक्ष में एकजुट करती रही है। इसी वोट बैंक में पैठ बनाने की रणनीति के तहत जन सुराज की टीम भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर और यूजीसी से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है। पार्टी की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि कोई भी राजनीतिक दल किसी एक वर्ग का नहीं होता, बल्कि सभी दल चुनाव में अधिक से अधिक वोट हासिल करने की कोशिश करते हैं।

जन सुराज की रणनीति भूमिहार, ब्राह्मण और राजपूत मतदाताओं के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने पर केंद्रित बताई जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि बीजेपी के इस पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगती है, तो बांकीपुर का चुनावी समीकरण बदल सकता है।

Updated on:
13 Jul 2026 03:59 pm
Published on:
13 Jul 2026 02:02 pm