पटना

PUSU Election 2026: 14 क्षेत्रों में मुकाबला, 22 काउंसिल मेंबर्स चुनेंगे छात्र; वीमेंस कॉलेज में सबसे अधिक सीटें

PUSU Election 2026:  छात्र संघ चुनाव से पहले पटना यूनिवर्सिटी कैंपस में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बार चुनाव सिर्फ सेंट्रल पैनल के पांच अहम पदों के लिए ही नहीं हैं, बल्कि छात्र 22 काउंसिल सदस्यों के लिए भी वोट करेंगे।

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Feb 05, 2026
पटना विश्वविद्यालय- फोटो Patna University FB

PUSU Election 2026: पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026 को लेकर कैंपस की राजनीति एक बार फिर गरमाने लगी है। इस बार छात्र संघ चुनाव में 14 सीटों पर मुकाबला होगा, जहां छात्र कुल 22 काउंसिल सदस्यों को चुनेंगे। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे विभिन्न छात्र संगठनों और संभावित उम्मीदवारों की गतिविधियां तेज हो रही हैं। मतदान 28 फरवरी को होना है और परिणाम भी उसी दिन घोषित किया जाएगा।

छात्रसंघ चुनाव के जरिए सेंट्रल पैनल के पांच मुख्य पदों के अलावा, कॉलेज और फैकल्टी स्तर पर काउंसिल सदस्यों का चुनाव होगा। काउंसिल सदस्यों की संख्या हर कॉलेज या फैकल्टी में वोटरों की संख्या के आधार पर तय की गई है। नियमों के अनुसार, हर हजार छात्रों पर एक काउंसिल सदस्य चुना जाएगा, जबकि जिन इकाइयों में 1501 से ज्यादा वोटर होंगे, वहां दो काउंसिल सदस्य होंगे।

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पटना वीमेंस कॉलेज को सबसे अधिक प्रतिनिधित्व

इस चुनाव में पटना वीमेंस कॉलेज सबसे अहम केंद्र के रूप में उभरा है। यहां से चार काउंसिल मेंबर्स चुने जाएंगे, जो पूरे विश्वविद्यालय में सबसे अधिक हैं। छात्र राजनीति से जुड़े लोगों का मानना है कि सीटों की अधिक संख्या के कारण पटना वीमेंस कॉलेज इस बार चुनावी रणनीति का बड़ा केंद्र बनेगा और यहां का रुझान छात्रसंघ की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

अन्य प्रमुख कॉलेजों और फैकल्टी की स्थिति

पटना साइंस कॉलेज, पटना कॉलेज, बीएन कॉलेज, मगध महिला कॉलेज और फैकल्टी ऑफ सोशल साइंस से दो-दो काउंसिल मेंबर्स का चुनाव होगा। वहीं, पटना लॉ कॉलेज, वाणिज्य महाविद्यालय, पटना ट्रेनिंग कॉलेज, वीमेंस ट्रेनिंग कॉलेज, कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड क्राफ्ट, फैकल्टी ऑफ कॉमर्स, एजुकेशन एंड लॉ, फैकल्टी ऑफ साइंस और फैकल्टी ऑफ ह्यूमैनेटीज से एक-एक काउंसिल मेंबर चुना जाएगा। इस तरह अलग-अलग इकाइयों में छात्रों की संख्या के अनुसार प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है।

प्रशासनिक तैयारी और निरीक्षण

छात्रसंघ चुनाव से पहले विश्वविद्यालय प्रशासन भी सक्रिय नजर आ रहा है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. वी. राजेंदर और विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने हाल ही में विश्वविद्यालय के नए प्रशासनिक और एकेडमिक भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने और इसी वित्तीय वर्ष में भवनों के लोकार्पण के निर्देश दिए। इस मौके पर विश्वविद्यालय के डीन और विधि पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

छात्र राजनीति में बढ़ी सरगर्मी

छात्रसंघ चुनाव को लेकर छात्र संगठनों के बीच बैठकों, पैनल गठन और संभावित उम्मीदवारों की तलाश तेज हो गई है। 22 काउंसिल मेंबर और पांच केंद्रीय पदों को लेकर रणनीति बनाई जा रही है। जानकारों का कहना है कि इस बार काउंसिल मेंबर चुनाव भी उतना ही अहम होगा, क्योंकि यही प्रतिनिधि आगे चलकर छात्रसंघ की नीतियों और फैसलों में बड़ी भूमिका निभाते हैं।

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