Rajya Sabha Election: पांच राज्यसभा सीटों के लिए छह उम्मीदवारों के नॉमिनेशन ने मुकाबले को चैलेंजिंग बना दिया है। 16 मार्च को होने वाली वोटिंग ही तय करेगी कि कौन जीतेगा या हारेगा। लेकिन एक बात पक्की है कि अब ओवैसी के विधायक किंगमेकर की भूमिका में हैं।
Rajya Sabha Election: बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया गुरुवार को पूरी हो गई। नॉमिनेशन के आखिरी दिन कुल छह उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पर्चे दाखिल किए हैं, जिससे यह तो साफ हो गया कि इस बार का चुनाव परिणाम बिना मतदान के नहीं आएगा और वोटिंग 16 मार्च को होनी है। जहां एनडीए ने 5 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं, वहीं राजद ने एक उम्मीदवार के जरिए एनडीए के क्लीन स्वीप के मंसूबों पर पानी फेरने की कोशिश की है। अब इस पूरे मुकाबले में असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM) और मायावती (BSP) के विधायक किंगमेकर की भूमिका में आ गए हैं।
NDA की तरफ से आज सबसे बड़ा नाम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का था, जिन्होंने गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राज्यसभा के लिए अपना नॉमिनेशन फाइल किया। उनके साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, भाजपा के शिवेश राम, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और RLM चीफ उपेंद्र कुशवाहा ने भी अपना नामांकन पर्चा दाखिल किया है। इस दौरान अमित शाह ने नीतीश कुमार के कार्यकाल को बेदाग और स्वर्णिम बताते हुए उन्हें राष्ट्रीय राजनीति के लिए शुभकामनाएं दीं।
महागठबंधन की तरफ से, राष्ट्रीय जनता दल ने अपने मौजूदा राज्यसभा सांसद अमरेंद्र धारी सिंह (AD सिंह) पर फिर से भरोसा जताया है। सिंह न सिर्फ एक राजनेता हैं, बल्कि फर्टिलाइजर और केमिकल सेक्टर के एक जाने-माने इंटरनेशनल बिजनेसमैन भी हैं। उनका बिजनेस 13 से ज्यादा देशों में फैला हुआ है। सिंह के नॉमिनेशन के साथ, RJD ने साफ कर दिया है कि वह NDA को चुनौती देने के लिए तैयार है।
बिहार विधानसभा में कुल 243 विधायक हैं और एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए उम्मीदवार को 41 विधायकों के प्रथम वरीयता के वोट की आवश्यकता होती है। एनडीए के पास कुल 202 विधायक हैं। इस लिहाज से 4 उम्मीदवारों (नीतीश, नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर और शिवेश राम) की जीत सुनिश्चित है। पेंच फंस रहा है 5वें उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा के लिए। एनडीए के पास 4 उम्मीदवारों को जिताने के बाद केवल 38 वोट बचते हैं, यानी कुशवाहा को जीत के लिए 3 और वोटों की जरूरत है।
वहीं विपक्ष की स्थिति की बात करें तो, राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं। ऐसे में एडी सिंह को जीतने के लिए 6 और वोटों की दरकार है।
अभी, पांचवीं सीट के लिए न तो NDA और न ही महागठबंधन के पास जरूरी विधायकों का समर्थन है। ऐसे में, असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM के 5 विधायक और मायावती की बसपा (BSP) का 1 विधायक निर्णायक साबित होने वाले हैं। यदि ये 6 विधायक एकजुट होकर विपक्ष (राजद) के पाले में जाते हैं, तो एडी सिंह का पलड़ा भारी हो सकता है। वहीं, यदि एनडीए इन विधायकों को साधने में सफल रहता है, तो उपेंद्र कुशवाहा की राह आसान हो जाएगी।
| गठबंधन | उम्मीदवार | दल |
| NDA | नीतीश कुमार | जदयू |
| NDA | नितिन नवीन | भाजपा |
| NDA | रामनाथ ठाकुर | जदयू |
| NDA | शिवेश राम | भाजपा |
| NDA | उपेंद्र कुशवाहा | रालोमो |
| महागठबंधन | एडी सिंह | राजद |