
जीतन राम मांझी और चिराग पासवान (फोटो-IANS)
दिल्ली में बिहार के पांडव कुमार की हत्या को लेकर दो केंद्रीय मंत्रियों के बीच सियासी विवाद गहरा गया है। इस घटना पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के कथित असंवेदनशील बयान (मार दिया तो मार दिया) की चौतरफा आलोचना हो रही है। इस बयान पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने कड़ी आपत्ति जताते हुए मांझी पर निशाना साधा है और उन्हें नसीहत दी है। दोनों नेता एक ही सरकार का हिस्सा होने के बावजूद इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गए हैं। दरअसल, इस विवाद को बिहार में दलित नेतृत्व और राजनीतिक प्रभाव की प्रतिस्पर्धा से भी जोड़कर देखा जा रहा है, जहां दोनों नेता दलित वोट बैंक पर अपनी पकड़ मजबूत दिखाने की कोशिश में हैं।
केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी के ‘मार दिया तो मार दिया’ वाले बयान पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यदि कोई पीड़ित परिवार के दर्द को समझ नहीं सकता, तो उस पर नमक भी नहीं छिड़कना चाहिए। शनिवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने कहा कि जीतनराम मांझी उनके सहयोगी, सम्मानित और बड़े-बुजुर्ग हैं, लेकिन इस तरह का बयान उन्हें नहीं देना चाहिए था। उन्होंने आगे कहा कि न सिर्फ एक बिहारी, बल्कि देश के किसी भी व्यक्ति की हत्या पर इस तरह की टिप्पणी उचित नहीं है। चिराग पासवान ने कहा कि यदि किसी परिवार के दर्द का एहसास नहीं कर सकते, तो उस पर असंवेदनशील टिप्पणी से बचना चाहिए।
चिराग पासवान ने कहा कि वे ऐसे बयानों का समर्थन नहीं कर सकते। उन्होंने आगे कहा कि यदि आज मांझी जी के बयान का समर्थन या बचाव किया जाता है, तो पीड़ित परिवार से कभी आंख नहीं मिलाई जा सकेगी। पिछले सप्ताह बर्थडे पार्टी से लौट रहे बिहार के पांडव कुमार को दिल्ली के द्वारका इलाके में एक पुलिसकर्मी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना में पांडव का एक मित्र भी घायल हो गया था। पांडव बिहार के खगड़िया जिले के रहने वाले थे और दिल्ली में डिलीवरी बॉय का काम करते थे।बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीड़ित परिवार को 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। गोली चलाने वाला आरोपी दिल्ली पुलिस का कॉन्स्टेबल बताया जा रहा है।
Updated on:
02 May 2026 11:06 pm
Published on:
02 May 2026 10:54 pm
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