Rajya Sabha Elections सोमवार की देर रात उपेंद्र कुशवाहा की दिल्ली में अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से हुई मुलाकात के बाद बिहार में सियासी तापमान बढ़ गया है।
Rajya Sabha Elections राज्यसभा में दावेदारी को लेकर मचे घमासान के बीच सोमवार की देर रात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से उपेंद्र कुशवाहा की मुलाकात ने बिहार में सियासी हलचलें बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार, बिहार की राजनीति की दृष्टि से इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कहा जा रहा है बीजेपी के सीनियर नेताओं के सामने उपेंद्र कुशवाहा ने अपनी उम्मीदवारी भी पेश की है। इसके साथ ही उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के बीजेपी में विलय पर भी विस्तार से चर्चा हुई। हालांकि विलय के मुद्दे पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा और भाजपा की ओर से किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन, उपेंद्र कुशवाहा के करीबी लोगों का कहना है कि इस मुद्दे पर भी चर्चा हुई है।
सूत्रों का कहना है कि सोमवार की देर रात राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ मुलाकात हुई। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में उपेंद्र कुशवाहा ने बीजेपी को उसका वादे को याद दिलाते हुए अपनी दावेदारी पेश किया।
उपेंद्र कुशवाहा का दावा है कि बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने खुद राज्यसभा की एक सीट और एक एमएलसी सीट देने का वादा किया था। उपेंद्र कुशवाहा ने सोमवार को अपनी इस मांग को बीजेपी के नेताओं के सामने रखा। इसके साथ ही उन्होंने राज्यसभा चुनाव में अपनी पार्टी आरएलएम के ही चुनाव चिह्न पर उतरने की भी बात रखी। बीजेपी के सिंबल पर चुनाव लड़ने से उन्होंने इंकार कर दिया। सूत्रों का कहना है कि बीजेपी आलाकमान उपेंद्र कुशवाहा की इस मांग को मान ली है। विलय के मुद्दे को फिलहाल टाल दिया गया है।
अप्रैल में रिटायर हो रहे पांच राज्यसभा सदस्यों में NDA खेमे के तीन कुशवाहा, हरिवंश और ठाकुर और RJD के दो – प्रेमचंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह शामिल हैं। 243 विधानसभा सीटों के साथ, बिहार के लिए मैजिक नंबर 41 वोट हैं। JD(U) और BJP के पास क्रम से 85 और 89 सीटें हैं, जिससे उन्हें दो-दो सीटें मिल जाएंगी। पांचवीं सीट के लिए, NDA, जिसने 202 सीटें जीती हैं, के पास 38 वोट हैं और उसे तीन और वोट चाहिए। NDA के एक नेता ने कहा, “विपक्षी खेमे से क्रॉस-वोटिंग हो सकती है। INDIA ब्लॉक के पास सीट पक्की करने के लिए नंबर नहीं हैं। अगर BSP और AIMIM समेत पूरा विपक्ष एक साथ आता है, तो ही वे 41 वोट हासिल कर पाएंगे।”