पटना

Rajya sabha seat conflict: ‘खुद MP, पत्नी MLA और बेटा मंत्री…’ उपेंद्र कुशवाहा पर भड़के जीतन राम मांझी

राज्यसभा सीट को लेकर एनडीए में जुबानी जंग तेज हो गई है। उपेंद्र कुशवाहा पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि कुशवाहा खुद राज्यसभा जा चुके हैं और अपने परिवार के सदस्यों को भी सत्ता में हिस्सेदारी दिला चुके हैं, इसलिए उन्हें चुप रहना चाहिए।

2 min read
Dec 26, 2025
जीतन राम मांझी (फोटो-IANS)

Rajya sabha seat conflict बिहार एनडीए में राज्यसभा सीट को लेकर सब ठीक नहीं चल रहा। घटक दल के दो बड़े नेताओं के बीच इसको लेकर जुबानी जंग शुरू हो गई है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी खुलकर फ्रंट फुट पर हैं। मांझी ने साफ कहा है कि अप्रैल 2026 में खाली हो रही 5 राज्यसभा सीटों में से एक नहीं मिला तो गठबंधन से नाता तोड़ लेंगे। हालांकि, विधानसभा चुनाव 2025 में भी कम सीट मिलने पर मांझी ने गठबंधन छोड़ने की बात कही थी, लेकिन किया कुछ नहीं।

ये भी पढ़ें

Bihar Bhumi: बिहार में जमीन विवादों का होगा ‘द एंड’! डिप्टी सीएम विजय सिन्हा करेंगे जनसंवाद

जीतन राम मांझी का पलटवार

उपेंद्र कुशवाहा के बयान के बाद नया विवाद शुरू हो गया है। कुशवाहा ने जीतन राम मांझी की राज्यसभा सीट की मांग को अनुचित बताया था। इस पर मांझी ने पलटवार करते हुए कहा, "उपेंद्र कुशवाहा मैच्योर नेता हैं, उन्हें मेरी जायज मांग पर एतराज नहीं करना चाहिए।" मांझी ने कुशवाहा पर 'निजी लाभ' लेने का भी आरोप लगाते हुए कहा कि कुशवाहा खुद राज्यसभा सांसद हैं, पत्नी सासाराम से विधायक हैं, बेटा नीतीश सरकार में मंत्री है... तो क्यों नहीं बोलेंगे वो?" केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपनी दावेदारी पर कहा कि राज्यसभा सीट को लेकर दिया गया उनका बयान केवल अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन के लिए एक सुझाव था। यह मेरे पार्टी का मामला है, इसमें दूसरे घटक दलों को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

अमित शाह को याद दिलाया वादा

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी जहानाबाद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राज्यसभा सीट से जुड़े सवाल पर ये बातें कही। जहानाबाद के शकुराबाद में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के क्रम में उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने उनके बेटे और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन से एक राज्यसभा सीट देने का वादा किया था। उस वादे के अनुरूप आज उनकी पार्टी यह मांग कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं और एनडीए का हिस्सा हैं, लेकिन लोकतंत्र में अपनी बात और मांगों को रखना गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी और समाज के हित में वे अपनी बात रख रहे हैं।

ये भी पढ़ें

ओवैसी बनेंगे गेम चेंजर! राज्यसभा की 5वीं सीट पर फंसा पेंच, क्या महागठबंधन की नैया पार लगाएगी AIMIM?

Updated on:
26 Dec 2025 04:08 pm
Published on:
26 Dec 2025 11:45 am
Also Read
View All

अगली खबर