
विजय सिन्हा (फोटो- X@VijayKrSinhaBih)
Bihar Bhumi: जमीन से जुड़ी परेशानियों को कम करने के उदेश्य से नीतीश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इसको लेकर बिहार के राजस्व मंत्री सह डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा जिले का दौरा कर रहे हैं। वे अगले महीने (जनवरी 2026) भागलपुर में समीक्षा बैठक करेंगे। इसको लेकर समीक्षा भवन में राजस्व विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल की अध्यक्षता में विभाग की आज समीक्षा बैठक हुई।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने पीपीटी के जरिए जिले में दाखिल-खारिज के आवेदनों का निपटारा को लेकर अपनी रिपोर्ट पेश किया। 75 दिन से ज्यादा पुराने 1716 और 35 दिन से ज्यादा पुराने 1575 मामले लंबित हैं, डीएम ने बैठक में कहा कि अंचलाधिकारी को सारे मामले को 2-3 दिन में निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधान सचिव ने बताया कि भूमि बंटवारे के मामले को भी राजस्व महाअभियान के अंतर्गत 20 दिसंबर से एलाऊ कर दिया गया है।
समीक्षा बैठक के दौरान प्रधान सचिव ने अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि एससी-एसटी, विधवा और गंभीर बीमारी वाले आवेदकों के मामलों का निपटारा नियमों के तहत तेजी से करें। परिमार्जन प्लस की समीक्षा में 5632 मामले बाकी पाए गए। परिमार्जन प्लस, लेफ्ट आउट जमाबंदी, ई-मापी, अभियान बसेरा-2, राजस्व अभियान की समीक्षा में कहा गया कि नए डिप्लोमा वाले अमीन को पुराने अमीन के साथ सहायक के तौर पर रखा जाए, ताकि वे अमानत का काम ठीक से सीख सकें।
राजस्व अभियान की समीक्षा में कहा गया कि 31 दिसंबर तक शत प्रतिशत कापी स्कैन हो जानी चाहिए। एलपीसी, आधार सीडिंग, सरकारी जमीन की दाखिल-खारिज की समीक्षा में निर्देश दिया गया कि जिन सरकारी जमीनों का म्यूटेशन नहीं हुआ है, उनका 90 दिन में म्यूटेशन कर दिया जाए। प्रधान सचिव ने कहा कि सरकारी जमीन की खोज कर हल्कावार लैंड बैंक बनाया जाए। 5 एकड़ से ज्यादा सरकारी जमीन को चिह्नित करें। गैर मजरूआ आम, गैर मजरूआ खास, कैसरे हिंद जमीन को अमीन से नक्शे में मार्क करवाएं, ताकि सरकारी जमीन का पता चल सके। सभी सीओ को 14 जनवरी तक सरकारी जमीन अतिक्रमण से मुक्त करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक में प्रधान सचिव सीके अनिल ने कहा कि नए साल में राजस्व विभाग और डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा पूरे प्रदेश में जन संवाद कार्यक्रम करेंगे, इसको लेकर सभी अंचल अधिकारी अपनी तैयारी कर लें। शहरी क्षेत्र में वंशावली जारी करने का अधिकार अंचलाधिकारी को और ग्रामीण में सरपंच को दिया गया है। 1 जनवरी 2026 के बाद सभी भू-अभिलेख डिजिटल हस्ताक्षर के साथ पोर्टल से दिए जाएंगे, हस्तलिखित नहीं।
समीक्षा बैठक में प्रधान सचिव ने सभी अंचलाधिकारी को कहा कि आप एक टीम की तरह काम करें। इसके साथ ही सीओ को लोगों के संपर्क में रहने का भी उन्होंने निर्देश दिया, ताकि उनकी परेशानी कम हो सके।
Updated on:
25 Dec 2025 09:44 pm
Published on:
25 Dec 2025 09:43 pm
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