पटना

किसान परिवार का बेटा बना कोचिंग स्टार, खान सर के सामने खड़ी की चुनौती, जानिए कौन है रौशन आनंद

रौशन आनंद ने 1 सितंबर 2017 को ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी की शुरुआत की थी। शुरुआत में यह संस्थान बेहद छोटा था और केवल चार छात्र ही पढ़ने आते थे। लेकिन उनके पढ़ाने के अनोखे तरीके और प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुभव के चलते धीरे-धीरे छात्रों की संख्या बढ़ती गई और संस्थान लोकप्रिय होता चला गया।
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Jun 04, 2026
raushan anand
रौशन आनंद

पटना में खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर हुए पथराव और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने रौशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, कदमकुआं थाना क्षेत्र के मुसलहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टूडियो के बाहर कुछ लोगों द्वारा ईंट-पत्थर चलाए गए और तोड़फोड़ की गई थी। पुलिस जांच में ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े लोगों की संलिप्तता सामने आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी के बाद रौशन आनंद एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं।

रौशन आनंद, जो बिहार के एक छोटे से गांव से निकलकर पटना में कोचिंग क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुके हैं, और खान सर के बीच पिछले कई वर्षों से विवाद चला आ रहा है। बताया जाता है कि रौशन आनंद ने कम समय में तेजी से लोकप्रियता हासिल की, जिसके बाद दोनों के बीच तनाव बढ़ता गया।

संघर्षों से उभरकर बने चर्चित शिक्षक

रौशन आनंद का जन्म सहरसा जिले के धमसेना गांव में हुआ था। उनका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा रहा है और आर्थिक रूप से अधिक मजबूत नहीं था। बचपन से ही उन्होंने सीमित संसाधनों में पढ़ाई की। उनकी शुरुआती शिक्षा सरकारी स्कूल में पूरी हुई। कम उम्र से ही वे अपने फैसले स्वयं लेने लगे थे और पढ़ाई को लेकर उनका नजरिया भी अलग था। यही कारण है कि बहुत कम समय में वे चर्चित हो गए।

फीस के बदले खाना, ऐसे शुरू हुआ सफर

अपने सपनों को उड़ान देने के लिए उन्होंने 15 वर्ष की उम्र में घर छोड़ दिया और आगे की पढ़ाई के लिए पटना चले आए। पटना में उन्होंने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। इसके बाद वे कुछ समय के लिए कोटा भी गए और वहां रहकर परीक्षा की तैयारी की। उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने AIEEE परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया, जिसके आधार पर उन्हें BIT मेसरा में इंजीनियरिंग में दाखिला मिला। हालांकि, आर्थिक तंगी के कारण वे अपनी इंजीनियरिंग पूरी नहीं कर सके और बीच में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी।

इसके बाद रौशन ने सरकारी नौकरी की तैयारी शुरू की, लेकिन इसमें भी उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। वर्ष 2014 में उन्होंने बिहार पुलिस की लिखित परीक्षा पास कर ली थी, लेकिन शारीरिक परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) में वे असफल हो गए। पटना में तैयारी के दौरान आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्होंने कोचिंग पढ़ाना शुरू किया। कहा जाता है कि शुरुआती दिनों में वे फीस के बदले छात्रों से भोजन स्वीकार किया करते थे।

चार छात्रों से शुरू हुआ सफर

इसके बाद रौशन आनंद ने 1 सितंबर 2017 को ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी की शुरुआत की। शुरुआत में यह संस्थान बहुत छोटा था और उनके पास केवल चार छात्र ही पढ़ने आते थे। लेकिन उनके पढ़ाने के तरीके और प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुभव के कारण वे धीरे-धीरे चर्चित होने लगे और छात्रों की संख्या बढ़ने लगी। आज ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी का विस्तार काफी बढ़ चुका है और इसे खान सर के संस्थान के प्रतिस्पर्धी के रूप में भी देखा जाने लगा है। इसी कारण दोनों के बीच समय-समय पर विवाद की स्थिति बनी रहती है।

Updated on:
04 Jun 2026 10:05 am
Published on:
04 Jun 2026 10:05 am