पटना

2 IAS निलंबित, फिर भी चार्जशीट में नाम क्यों नहीं? बिहार टेंडर घोटाले पर तेजस्वी यादव ने पूछे 20 सवाल

Tejashwi Yadav on Bihar Tender Scam: बिहार के चर्चित रिशु श्री टेंडर घोटाले को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर बड़ा हमला बोला है। दो IAS अधिकारियों के निलंबन के बावजूद चार्जशीट में उनके नाम नहीं होने पर सवाल उठाते हुए तेजस्वी ने सरकार से 20 तीखे सवाल पूछे हैं।
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Jun 29, 2026
tejashwi yadav on bihar tender scam rishu shri
राजद नेता तेजस्वी यादव (फोटो- tejashwi yadav X)

Bihar Tender Scam: बिहार टेंडर घोटाले के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने दो आईएएस (IAS) अधिकारियों के निलंबन के बावजूद स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) की चार्जशीट में उनका नाम शामिल न होने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए एक के बाद एक 20 तीखे सवाल दागे हैं और आरोप लगाया है कि सरकार 'बड़ी मछलियों' और राजनैतिक आकाओं को बचाने के लिए केवल छोटी मछलियों को बलि का बकरा बना रही है।

निलंबित IAS का चार्जशीट में नाम क्यों नहीं? - तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार से पूछा है कि जब इस घोटाले में संलिप्तता के कारण दो वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है, तो फिर जांच एजेंसी की चार्जशीट में उनका नाम क्यों दर्ज नहीं है? उनकी तत्काल गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई? क्या सरकार को डर है कि अगर इन अधिकारियों को पकड़ा गया तो वे सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों के राज खोल देंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता संरक्षित और पोषित भ्रष्टाचारियों को जानबूझकर कानूनी कार्रवाई से बचाया जा रहा है।

तेजस्वी यादव के 20 सवाल

  1. एक मामूली सा ठेकेदार (रिशु श्री) कई विभागों के टेंडरों को अपनी मर्जी से कैसे मैनेज कर रहा था? सरकार का निगरानी तंत्र इतने वर्षों तक क्या कर रहा थी? या अधिकारियों द्वारा निजी लाभ के लिए सब कुछ नजरअंदाज किया जा रहा था?
  2. ED की जांच में सामने आए चैट्स से पता चलता है कि रिशु श्री कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों के प्रभावशाली कॉकस को सत्ता और सर्वोच्च अधिकारियों का संरक्षण कैसे प्राप्त था? वह अधिकारियों को निर्देश किसकी शह पर देता था?
  3. चार्जशीट में बड़ी मछलियों को छोड़ दिया गया है? क्या ऐसा करने में देरी के पीछे क्या कोई राजनैतिक दबाव है अथवा सत्ता में बैठे लोगों को खुद पकड़े जाने का डर है?
  4. दो IAS अधिकारियों को निलंबित किया गया लेकिन चार्जशीट में उनका नाम नहीं है? उनकी तत्काल गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?क्या सरकार को उनसे सबके पत्ते खोल देने की धमकी मिली है? सत्ता संरक्षित और पोषित भ्रष्टाचारियों को सजा से इम्यूनिटी क्यों दिया हुआ है?
  5. वित्त विभाग के तत्कालीन संयुक्त सचिव, जल संसाधन, भवन निर्माण विभाग के इंजीनियरों की गिरफ्तारी के बाद, क्या सरकार ने इस बात की समीक्षा की है कि इन्होंने अब तक कुल कितने करोड़ के सरकारी फंड को डायवर्ट किया? और अगर हां तो इस राशि को सार्वजनिक करने में देरी क्यों की जा रही है?
  6. आरोपी रिशु श्री पहले से तय करता था कि ठेका किसे मिलेगा और उसी हिसाब से विभागीय टेंडर की शर्तें (क्राइटेरिया) बदलवा देता था। क्या इस सिंडिकेट के सरगना मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय व निवास में बैठे अधिकारी थे और है?
  7. जांच में सामने आया है कि सरकारी विभागों में बिल पास कराने और टेंडर देने के बदले 2% से 3.5% तक का फिक्स्ड कमीशन चलता था। क्या यह भ्रष्टाचार में नग्न सरकार के "जीरो टॉलरेंस" के दावों की धज्जियां नहीं उड़ाता?
  8. क्या सरकार रिशुश्री और उनसे संबंधित कंपनियों को मिले सभी टेंडरों की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराएगी?
  9. क्या यह संयोग है कि सारी Beneficiary कंपनियाँ गुजरात से है इसलिए उसे बचाया जा रहा है?
  10. रिशु श्री द्वारा अधिकारियों और उनके परिवारों की विदेशी यात्राओं, एयर टिकट और महंगे गिफ्ट्स का खर्च उठाने की बात सामने आई है। गृह विभाग, EOU, निगरानी और खुफिया विभाग इस वित्तीय लेन-देन से बेखबर क्यों थे?
  11. छापेमारी में रिशु श्री के पास से 99 संपत्तियों के डीड और करोड़ों की नकदी/जेवरात मिले हैं। बिहार की जनता जानना चाहती है कि एक ठेकेदार के पास राज्य के बजट का एक बड़ा हिस्सा कैसे चला गया?
  12. सरकार केवल "छोटी मछलियों" और कुछ चुनिंदा अधिकारियों को बलि का बकरा बना रही है। इस सिंडिकेट के शीर्ष पर बैठे असली राजनैतिक आकाओं और "अमृत"पान करने वाले अधिकारियों के नाम कब सामने लाए जाएंगे?
  13. जिन विभागों में यह महाघोटाला हुआ, उनके विभागीय मंत्रियों ने अभी तक अपनी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा क्यों नहीं दिया है?
  14. सरकार को सभी जानकारी उपलब्ध हो जाने के बाद भी एक साल से अधिक का समय लगा। ED के कहने के बावजूद भी बिहार पुलिस ने महीनों तक FIR क्यों दर्ज नहीं की थी? क्या यह देरी सबूतों को मिटाने, "अपनों" को बचाने और फाइलें दबाने के लिए की गई थी?
  15. कुछ अधिकारी इस घोटाले को दबाने के लिए दूसरे माध्यमों का सहारा ले रहे है? बिहार सरकार के वकील रिशुश्री के खिलाफ कोर्ट में क्यों उपस्थित नहीं हुए?
  16. कोसी बेसिन विकास परियोजना और गुजरात की कंपनी को कोसी बराज का ठेका दिलाने में टेंडर माफिया रिशु श्री ने मदद की। बिहार के बाढ़ नियंत्रण और सुरक्षा से जुड़े इतने संवेदनशील प्रोजेक्ट में इतनी आसानी से भ्रष्टाचार कैसे हो जा रहा है?
  17. क्या सरकार का पूरा आंतरिक ऑडिट सिस्टम और विजिलेंस विभाग पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है जो इस स्केल के महाघोटाले को ससमय उजागर नहीं कर सकता या सभी इस भ्रष्टाचार में कहीं ना कहीं से लिप्त हैं?
  18. जब राज्य में सब कुछ ई-टेंडरिंग के जरिए होता है, तो BJP-JDU सरकार के पाले-पोसे टेंडर माफिया का सिंडिकेट डिजिटल पोर्टल को कैसे मैनिपुलेट और मैनेज कर रहा था?
  19. एसवीयू ने 4000 पन्नों की चार्जशीट में सिर्फ 7 मुख्य आरोपियों को नामजद किया है और कहा है कि अन्य के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं। यह बाकी बचे रसूखदार अधिकारियों और नेताओं को "क्लीन चिट" देने की जल्दबाजी नहीं है तो क्या है?
  20. यह NDA का संयोग कहिए या प्रयोग, सभी बड़े घोटालों में दबाब पड़ने पर अगर किसी प्रशासनिक अधिकारी की दिखावटी गिरफ़्तारी करनी-करानी है या उसे बलि का बकरा बनाना है तो वह दलित-पिछड़े और मुस्लिम समुदाय का ही अधिकारी क्यों होता है?

BJP ने पूछा- तेजस्वी ने कितना कमीशन लिया?

इस बीच, बीजेपी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि रिशु श्री मामले में तेजस्वी यादव को सबसे पहले यह बताना चाहिए कि उन्हें कितना कमीशन मिला। ऐसा इसलिए है क्योंकि रिशु श्री से जुड़े सभी घोटाले उस समय हुए थे जब तेजस्वी यादव संबंधित विभाग के मंत्री थे। किसी पर आरोप लगाने से पहले आपको अपने आचरण की जांच करनी चाहिए। सबूतों के आधार पर आपके पूरे परिवार के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई है और कानूनी कार्रवाई चल रही है। अगर आप किसी पर आरोप लगाते हैं, तो आपको सबसे पहले सबूत पेश करने चाहिए। बेबुनियाद आरोप लगाना बंद करें।

Published on:
29 Jun 2026 11:58 am