आरजेडी विधायक फैसल रहमान की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद बिहार की सियासत का तापमान बढ़ गया है।वे राज्य सभा चुनाव के मतदान के समय अनुपस्थित थे।
Bihar Politics: आरजेडी में अंदरूनी कलह और संभावित टूट की अटकलों के बीच पार्टी विधायक फैसल रहमान की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। फैसल रहमान इस मुलाकात को सामान्य शिष्टाचार भेंट बता रहे हैं, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे साधारण मुलाकात मानने को तैयार नहीं हैं। मौजूदा सियासी हालात को देखते हुए इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं, खासकर तब जब बिहार की राजनीति लगातार उठापटक के दौर से गुजर रही है। इस मुलाकात के बाद पार्टी और राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या आरजेडी के भीतर सब कुछ ठीक है या फिर पार्टी किसी संभावित टूट की ओर बढ़ रही है।
आरजेडी की ओर से इस मुलाकात पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पार्टी के नेता टूट की किसी भी आशंका को खारिज कर रहे हैं, लेकिन इस मुलाकात के बाद पार्टी के अंदरूनी असहजता से पूरी तरह इनकार भी नहीं कर पा रहे हैं।
आरजेडी विधायक फैसल रहमान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि उन्होंने ढाका विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर गुरुवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि इस दौरान सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इन प्रस्तावों पर सकारात्मक आश्वासन दिया और क्षेत्र के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। फैसल रहमान ने आगे लिखा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से ढाका के विकास को नई गति मिलेगी और इसका लाभ आम लोगों तक पहुंचेगा।
बिहार में विधानसभा की 19 समितियों का गठन दो दिन पहले किया गया है, जिसमें आरजेडी विधायक फैसल रहमान को भी एक समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इसके बाद उनकी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात को लेकर राजनीतिक जानकार अपने-अपने स्तर पर विश्लेषण कर रहे हैं।सीनियर पत्रकार लव कुमार का कहना है कि यह मुलाकात आरजेडी के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकती है और इसका असर जल्द ही देखने को मिल सकता है।
आरजेडी विधायक फैसल रहमान ने कुछ दिन पहले हुए राज्यसभा चुनाव में अपनी मां के इलाज का हवाला देते हुए मतदान नहीं किया था। उनकी गैरमौजूदगी की वजह से आरजेडी प्रत्याशी अमरेंद्र धारी सिंह को करारी हार का सामना करना पड़ा। फैसल रहमान के अलावा कांग्रेस के तीन अन्य विधायकों ने भी मतदान में हिस्सा नहीं लिया था। राज्यसभा चुनाव के बाद फैसल रहमान को विधान परिषद में सभापति बनाए जाने की चर्चा भी काफी सुर्खियों में रही थी।इसी के साथ उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे, और अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनकी मुलाकात ने सियासी चर्चाओं को और हवा दे दी है।