
पीड़िता (फोटो-वीडियो ग्रैब)
बिहार के नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र में 32 साल की एक शादीशुदा महिला के साथ हुई क्रूरता ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। 26 मार्च की शाम को दो बच्चों की मां को न केवल निर्वस्त्र करने का प्रयास किया गया, बल्कि उसे गांव में घसीटकर उसकी परेड कराई गई। इस पूरी वारदात के दौरान कुछ युवक वीडियो बनाते रहे, जिसका फ़ुटेज अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मीडियाकर्मियों से बात करते हुए पीड़िता ने बताया कि वह अपना राशन लेने और अपना मोबाइल नंबर अनब्लॉक करवाने के लिए बाहर गई थी। तभी कुछ गांव वालों ने उसे एक आदमी के साथ देखा और स्थिति के बारे में गलतफहमी पाल ली। पीड़िता ने कहा, 'लोगों के दिमाग में गंदगी थी। उन्होंने हमें एक कमरे के अंदर बंद कर दिया और बाहर से कुंडी लगा दी। इसके बाद, समाज के लोग जुट गए और मेरे साथ गलत किया। मुझे मारा, मेरे कपड़े फाड़े और जमीन पर गिरा दिया।"
महिला ने सवाल किया, 'गांव वालों को मुझे गलत तरीके से छूने का हक किसने दिया? अगर मैंने कुछ गलत किया भी था, तो उन्हें बस मेरे परिवार को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। अगर सजा देनी भी होती तो मेरे परिवार के लोग सजा देते, वो जो भी सजा सही समझते मैं खुशी-खुशी भुगत लेती। लेकिन मेरे साथ ऐसा बर्ताव करने और उसका वीडियो बनाने में कैसा इंसाफ है?'
महिला ने जब अपने साथ हुई दरिंदगी की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई तो आरोपियों ने बदले की भावना से उस भयानक रात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में मुख्य आरोपी, अशोक यादव और रविकांत महिला को घसीटते हुए दिख रहे हैं, जबकि वह बार-बार उनसे उसे छोड़ देने की गुहार लगा रही है। हालांकि, भीड़ के बीच कुछ लोग महिला को बचाने की कोशिश भी कर रहे हैं।
घटना का खुलासा होने के बाद, बिहार पुलिस मुख्यालय पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। DGP विनय कुमार ने बताया कि एक विशेष टीम ने छापेमारी की थी और मुख्य आरोपियोंअशोक यादव और मतलू महतो (उर्फ नवनीत कुमार)को पहले ही जेल भेज दिया है। मंगलवार रात (31 मार्च) को छह अन्य आरोपियों रंजन, सचिन, दशरथ, शैलेश, डोमन और सोनू को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 (मर्यादा भंग करना), 75 (यौन उत्पीड़न) और 76 (निर्वस्त्र करने का प्रयास) के अलावा अब इस मामले में गैंगरेप (धारा 70) और IT एक्ट की संबंधित धाराएं भी जोड़ दी गई हैं। पुलिस ने 30 दिनों के भीतर जांच पूरी करने और यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है कि दोषियों को स्पीडी ट्रायल के जरिए कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।
स्पष्ट रूप से व्यथित पीड़िता ने भावुक होकर कहा कि उसने प्रशासन को पहले ही सारी जानकारी दे दी है। उसने कहा, 'अगर कोई मुझे इस मामले में दोषी मानता है, तो ठीक है, मैं दोषी हूं। पुलिस जो भी कार्रवाई जरूरी समझेगी वह करेगी। लेकिन, जिन लोगों ने मेरा वीडियो बनाया है, उन्हें भी सजा मिलनी चाहिए।' महिला का पति काम के सिलसिले में बिहार से बाहर रहता है और वह अपने ससुराल वालों और बच्चों के साथ रहती है। गांव के कुछ लोगों का कहना है कि महिला का गांव के किसी युवक के साथ अवैध संबंध था।
Updated on:
02 Apr 2026 10:59 am
Published on:
02 Apr 2026 10:59 am
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