Bihar Politics: राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अंदरूनी झगड़े की खबरों और परिवारवाद के आरोपों पर उपेंद्र कुशवाहा का धैर्य अब जवाब दे गया है। सोशल मीडिया पर कुशवाहा ने पोस्ट कर इन खबरों को बेबुनियाद और मनगढ़ंत बताया है।
Bihar Politics: राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा का नाम इस समय बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसकी वजह उनकी पार्टी के विधायकों में असंतोष की खबरें और पार्टी में फूट की संभावना है। इसके साथ ही उन पर फिर से परिवारवाद के आरोप लग रहे हैं। कहा जा रहा है कि बिहार सरकार में अपने बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री पद दिलाने के बाद, कुशवाहा अब अपनी बहू साक्षी मिश्रा के लिए भी पद दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। इन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए, उपेंद्र कुशवाहा ने अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दो मै पोस्ट किए हैं, जिसमें उन्होंने इन खबरों को बेबुनियाद, मनगढ़ंत और झूठा बताया है और मीडिया को अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने की सलाह दी है।
उपेंद्र कुशवाहा ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, "मीडिया के बन्धूओं, आज कल आप लोग कुछ ज्यादा ही मेहरबानी दिखा रहें हैं मुझ पर...! मेरी नहीं तो कम से कम अपनी प्रतिष्ठा का कुछ तो ख्याल रखिए जनाब, आपको पता है न कि तथ्यहीन, बेबुनियाद और बनावटी खबरों से किसी का कुछ बिगड़ता नहीं है। क्योंकि वैसी खबरों की उम्र महज दस-पांच दिनों की ही होती है।"
यह पहला मौका नहीं है जब कुशवाहा ने मीडिया रिपोर्ट्स पर नाराजगी जताई हो। इससे पहले 28 दिसंबर (रविवार) को भी उन्होंने X पर एक पोस्ट किया था। उस पोस्ट में उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा था, "आज एक खबर देखने/पढ़ने को मिली मीडिया में। खबरें प्लांट करवाने और करने वाले को धन्यवाद। मजा आ गया। वाह भाई वाह ! चलिए, किसी बहाने खबर ने सुर्खियां तो बटोरी। ऐसी फालतू खबरें भी मीडिया में चलती/बिकती है। आश्चर्य है..!”
NDA सहयोगी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायकों में कथित असंतोष और नाराजगी की खबरें तब सामने आईं जब पटना में उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर लिट्टी-चोखा पार्टी रखी गई। इस पार्टी में RLM के चार में से तीन विधायक शामिल नहीं हुए। पार्टी में मौजूद इकलौती विधायक उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता कुशवाहा थीं। इससे यह अटकलें तेज हो गईं कि पार्टी के विधायक नेतृत्व से नाखुश हैं और RLM में फूट पड़ सकती है।
ये अटकलें तब और तेज हो गईं जब RLM के विधायकों ने BJP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। जब इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आईं, तो राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगने लगीं। सवाल उठने लगे कि क्या RLM में सब कुछ ठीक है और क्या पार्टी के विधायक दूसरे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
इस बीच एक और चर्चा शुरू हो गई कि उपेंद्र कुशवाहा अब अपनी बहू साक्षी मिश्रा को एक ऊंचे पद पर नियुक्त करने की तैयारी कर रहे हैं। कहा गया कि कुशवाहा साक्षी मिश्रा को राज्य नागरिक परिषद का उपाध्यक्ष बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यह पद पहले RLM नेता माधव आनंद के पास था, लेकिन मधुबनी से विधायक चुने जाने के बाद यह खाली हो गया। इस खाली जगह ने राजनीतिक अटकलों की एक नई लहर को हवा दी।
सोशल मीडिया यूजर्स ने कुशवाहा की X (पहले ट्विटर) पोस्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। कुमार नाम के एक यूजर ने लिखा, "सर, बिहार की पूरी जनता आपके साथ है, साथ में आपकी विधायक पत्नी, मंत्री बेटा और उपाध्यक्ष बहू भी हैं। जब आप यह सब कर ही रहे हैं, तो अपने पोते को भी बच्चों की कमेटी का सदस्य क्यों नहीं बना देते?"
मनीष नाम के एक अन्य यूजर ने लिखा, "राजनीति विचारों और कामों से आगे बढ़ती है, न कि निजी आरोपों से। आपकी स्पष्टता और धैर्य आपकी सबसे बड़ी ताकत हैं, सर। आपका संघर्ष और ईमानदारी आपकी पहचान है।"
नीरज पांडे नाम के एक यूजर ने लिखा, "कृपया कुशवाहा जी के इस प्रतिष्ठित परिवार की प्रतिष्ठा का ख्याल रखा जाए। उपेंद्र कुशवाहा वर्तमान में राज्यसभा में संसद सदस्य हैं। स्नेहलता कुशवाहा (पत्नी) वर्तमान में विधायक हैं, उन्होंने बिहार विधानसभा चुनावों में सासाराम सीट जीती है। दीपक प्रकाश कुशवाहा (बेटा) वर्तमान में बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री हैं। वह वर्तमान में किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। साक्षी मिश्रा कुशवाहा (बहू) के पास कोई आधिकारिक पद नहीं है, लेकिन हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार राज्य नागरिक परिषद के वाइस-चेयरपर्सन के पद के लिए उनके नाम का प्रस्ताव दिया है।"