
Bihar News: बिहार के सहरसा मंडल कारा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां जेल में बंद एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जेल प्रशासन इसे आत्महत्या का मामला बता रहा है, जबकि मृतक के परिजन इसे सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या बताया रहे हैं। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद सदर थाना अध्य्क्ष सुबोध कुमार और FSL की टीम जांच में जुट गई है।
मृतक की पहचान बिहरा थाना क्षेत्र के लालगंज बारा गांव निवासी 25 वर्षीय सुनील कुमार के रूप में हुई है। सुनील मार्च 2024 से सहरसा मंडल कारा में बंद था। उस पर नाबालिग से दुष्कर्म (POCSO एक्ट) का आरोप था और मामला अदालत में विचाराधीन था।
जेल अधीक्षक निरंजन पंडित के अनुसार, रविवार दोपहर भोजन के समय सुनील कुमार ने खाने की थाली की धार से अपना गला रेत लिया। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उसे तत्काल सहरसा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेल प्रशासन का कहना है कि इस पूरी घटना से संबंधित CCTV फुटेज भी मौजूद है और मामले की आंतरिक जांच की जा रही है। मौत के सही कारणों का पता करने के लिए मेडिकल बोर्ड वीडियोग्राफी के साथ शव का पोस्टमार्टम करा रही है।
मौत की खबर मिलते ही मृतक के परिजन सदर अस्पताल पहुंचे और जमकर हंगामा किया। मृतक के बड़े भाई पिंटू कुमार ने जेल प्रशासन के दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके भाई की जेल के अंदर हत्या की गई है। उनका आरोप है कि सुनील को पहले झूठे मामले में फंसाया गया और अब जेल में उसकी जान ले ली गई। परिजनों का यह भी कहना है कि तीन दिन पहले ही मां उससे मिलकर आई थीं और वह पूरी तरह सामान्य था।
घटना की सूचना मिलते ही सहरसा सदर थाना अध्यक्ष सुबोध कुमार अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचनामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल बोर्ड से वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इसके अलावा, फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को भी जांच में लगाया गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौत आत्महत्या है या हत्या।