Samrat Cabinet भाजपा विधायक नीतीश मिश्रा सम्राट कैबिनेट में फिर शामिल हुए हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से लेकर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी तक शिक्षा प्राप्त की है। वे एक टेक्नोक्रेट नेता के रूप में जाने जाते हैं।
Samrat Cabinetसम्राट कैबिनेट में शामिल एक नेता की शैक्षणिक प्रोफाइल को लेकर इन दिनों खूब चर्चा हो रही है। उनकी शिक्षा देखकर बड़े-बड़े दिग्गज भी हैरान हैं। हम बात कर रहे हैं झंझारपुर से भाजपा विधायक नीतीश मिश्रा की, जिन्होंने पटना, दिल्ली, लंदन, नीदरलैंड और अमेरिका के हार्वर्ड यूनिवर्सिटी तक से अपनी डिग्रियां प्राप्त की हैं।
नीतीश मिश्रा की प्रारंभिक शिक्षा राजधानी पटना के प्रतिष्ठित सेंट माइकल हाई स्कूल में हुई, जहां वे स्कूल कैप्टन भी रह चुके हैं। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद वे दिल्ली चले गए और दिल्ली यूनिवर्सिटी के जाकिर हुसैन कॉलेज से वर्ष 1994 में इतिहास (B.A. Hons) में स्नातक की डिग्री हासिल की। पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण उन्हें कॉलेज के दिनों में ‘अकादमिक एक्सीलेंस’ अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया। सम्राट कैबिनेट में शायद ही कोई दूसरा ऐसा मंत्री हो जिसके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर की इतनी शिक्षा हो।
नीतीश मिश्रा ने कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद दिल्ली के FORE स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के साथ-साथ नीदरलैंड के मास्ट्रिच स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से भी एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की। अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों के आधार पर उनका चयन प्रतिष्ठित ‘ब्रिटिश शेवनिंग स्कॉलर’ के रूप में हुआ। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ हल (Hull) से ‘ग्लोबल पॉलिटिकल इकोनॉमी’ में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा प्राप्त किया। वर्ष 2016 में उन्होंने दुनिया की प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के जॉन एफ. कैनेडी स्कूल से ‘इमर्जिंग लीडर्स प्रोग्राम’ भी सफलतापूर्वक पूरा किया।
नीतीश मिश्रा को राजनीतिक विरासत में सत्ता और पहचान दोनों मिली। उनके पिता डॉ. जगन्नाथ मिश्रा बिहार के तीन बार मुख्यमंत्री रहे हैं, जबकि उनके चाचा ललित नारायण मिश्र देश के रेल मंत्री थे। मजबूत राजनीतिक पृष्ठभूमि होने के बावजूद नीतीश मिश्रा ने एक ‘टेक्नोक्रेट’ और ‘पढ़े-लिखे’ नेता के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 2008 में उन्हें ‘MTV यूथ आइकॉन’ के सम्मान से नवाजा गया। इसके अलावा ब्रिटिश हाई कमीशन ने भी उन्हें भारत के 30 सबसे प्रभावशाली युवा नेताओं में शामिल किया था।
नीतीश मिश्रा ने अपनी उच्च शिक्षा का उपयोग बिहार के विकास कार्यों में भी किया। नीतीश सरकार में उद्योग मंत्री रहते हुए उन्होंने ‘लैंड बैंक’ और ‘इथेनॉल नीति’ पर विशेष जोर दिया। वे लगभग 30 वर्षों से राजनीति में सक्रिय हैं। भाजपा में शामिल होने से पहले वे जदयू और हम पार्टी में भी रह चुके हैं।
झंझारपुर से वे 2025 में पांचवीं बार विधायक चुने गए। हालांकि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम के बाद उन्हें नीतीश कैबिनेट में जगह नहीं मिली थी, लेकिन 7 मई 2026 को वे सम्राट कैबिनेट का हिस्सा बने। इस कैबिनेट में उन्हें नगर विकास एवं आवास विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।