मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को जनता दरबार के दौरान मुस्लिम टोपी पहनने से इंकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने मुस्कुराते हुए गमछा और बुके स्वीकार कर लोगों का अभिवादन किया।
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सम्राट चौधरी ने कामकाज की शुरुआत तेज़ी से कर दी है। नीतीश कुमार की तरह ही वह जनता दरबार के जरिए आम लोगों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। शुक्रवार को जनता दरबार में प्रवेश करते समय सम्राट चौधरी लोगों का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। इस दौरान आम लोगों से लेकर खास तक उनसे मिलने पहुंचे। इसी क्रम में अल्पसंख्यक समाज के कुछ लोग गमछा और बुके लेकर उनसे मिलने के लिए खड़े थे। सम्राट चौधरी ने मुस्कुराकर उनका अभिवादन स्वीकार किया।
हालांकि, जब उन लोगों ने उन्हें टोपी पहनाने की कोशिश की, तो उन्होंने विनम्रता से मना कर दिया। जनता दरबार में अल्पसंख्यक समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे और उनके मुख्यमंत्री बनने पर उनका स्वागत कर रहे थे। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के जनता दरबार का यह तीसरा दिन था।
शुक्रवार को सम्राट चौधरी के जनता दरबार में अल्पसंख्यक समाज के कुछ लोग उन्हें बधाई देने पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले सम्राट चौधरी को गमछा पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद उसी समूह के एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री को टोपी पहनाने की कोशिश की, लेकिन सम्राट चौधरी ने हाथ जोड़कर विनम्रता से उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। बाद में उन्होंने वह टोपी अपने सुरक्षा कर्मियों को दे दी। इसके पश्चात उस व्यक्ति ने मुख्यमंत्री को चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया, जिसे सम्राट चौधरी ने स्वीकार किया और हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।