पटना

दार्जिलिंग की वादियाँ, फुटबॉल और बकरी का दूध… पिता ने सुनाए नए CM सम्राट चौधरी के बचपन के किस्से

सम्राट चौधरी का बचपन दार्जिलिंग और हिमालय की वादियों में बीता है। वे बचपन में काफी नटखट और चंचल स्वभाव के थे और उन्हें फुटबॉल खेलना बेहद पसंद था। उनके शारीरिक विकास और मजबूती के लिए बचपन में उन्हें बकरी का दूध पिलाया जाता था।

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Apr 15, 2026
सम्राट चौधरी

सम्राट चौधरी आज बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। उनके इस मुकाम तक पहुंचने की नींव उनकी मां स्वर्गीय पार्वती देवी ने रखी थी। सम्राट चौधरी के पिता और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी ने मीडिया से बातचीत में यह बातें कही। उन्होंने आगे बताया कि सम्राट चौधरी बचपन से ही नटखट और चंचल स्वभाव के थे और उन्हें फुटबॉल खेलना बेहद पसंद था। उनके शारीरिक विकास और मजबूती के लिए परिवार की ओर से उन्हें बकरी का दूध पिलाया जाता था। शकुनी चौधरी ने कहा कि शायद यही कारण है कि आज वह घंटों बिना थके जनता के बीच सक्रिय रहते हैं।

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पत्नी की जिद से राजनीति में आए सम्राट चौधरी

सम्राट चौधरी को राजनीति में किसने लाया, इस सवाल पर उनके पिता और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी ने कहा कि उन्हें राजनीति में मैं नहीं, बल्कि मेरी पत्नी लेकर आई थीं। उस समय को याद करते हुए उन्होंने बताया कि सम्राट आज जिस मुकाम पर हैं, उसकी नींव मेरी पत्नी स्वर्गीय पार्वती देवी ने रखी थी। शकुनी चौधरी ने कहा कि शुरुआत में वे इसके पक्ष में नहीं थे, लेकिन उनकी पत्नी की जिद के कारण सम्राट चौधरी का राजनीति में प्रवेश हुआ।

उन्होंने आगे सम्राट चौधरी के राजनीतिक सफर की कहानी साझा करते हुए बताया कि उस समय लालू प्रसाद यादव को राबड़ी देवी की सरकार बचाने के लिए कुछ विधायकों के समर्थन की जरूरत थी। उसी दौरान उनकी पत्नी ने लालू-राबड़ी सरकार का साथ दिया था। इसके बदले लालू प्रसाद यादव ने पार्वती देवी से मंत्री बनने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने मंत्री पद स्वीकार करने से इनकार कर दिया और इसके बजाय अपने बेटे सम्राट चौधरी का नाम आगे बढ़ा दिया। और इसी तरह सम्राट चौधरी की राजनीति में एंट्री हुई।

बकरी का दूध पीकर बड़े हुए

सम्राट चौधरी कितने पढ़े-लिखे हैं, इस सवाल पर उनके पिता और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी ने कहा कि उनकी पढ़ाई बड़े-बड़े स्कूलों में हुई है, लेकिन उन्हें यह ठीक से नहीं पता कि सम्राट चौधरी ने कितनी शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने बताया कि सम्राट चौधरी का बचपन दार्जिलिंग और हिमालय की वादियों के बीच बीता है। बचपन की यादें साझा करते हुए उन्होंने कहा कि सम्राट बचपन में काफी नटखट और चंचल स्वभाव के थे और उन्हें फुटबॉल खेलना बेहद पसंद था।

शकुनी चौधरी ने कहा कि उनके शारीरिक विकास और मजबूती के लिए बचपन में उन्हें बकरी का दूध पिलाया जाता था। शायद इसी का असर है कि आज वह बिना थके घंटों जनता के बीच सक्रिय रहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि राजनीति में आने के बाद सम्राट चौधरी का उनका शरारती बचपन एक सुलझे हुए और विनम्र व्यक्तित्व में बदल गया। कामकाज की व्यस्तता के कारण अब मुलाकातें कम हो पाती हैं, लेकिन नाश्ते की मेज पर अक्सर पूरा परिवार एक साथ बैठता है।

पूरी निष्ठा से करें जनता की सेवा

राजनीति के अनुभव और एक पिता के रूप में उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी के लिए उनकी एक ही नसीहत है कि वे पूरी ईमानदारी से जनता की सेवा करें। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का उल्लेख करते हुए शकुनी चौधरी ने कहा कि नीतीश बाबू ने स्वयं उनसे कहा था कि उनका बेटा आगे चलकर काफी नाम कमाएगा। उन्होंने आगे कहा कि जब नीतीश कुमार जैसा अनुभवी मार्गदर्शक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह जैसे नेतृत्व का साथ हो, तो सम्राट चौधरी को निडर होकर और पूरी निष्ठा के साथ जनता की सेवा करनी चाहिए।

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Updated on:
15 Apr 2026 08:21 am
Published on:
15 Apr 2026 08:20 am
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