
Shyam Rajak on Anant Singh vs Neeraj Kumar: बिहार में विधान परिषद चुनावों से पहले मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता व MLC नीरज कुमार के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने शनिवार को पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि भले ही जदयू में अभिव्यक्ति की पूरी आजादी और लोकतंत्र है, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पार्टी के सर्वमान्य नेता हैं और उनके फैसले हर कार्यकर्ता के लिए गीता या कुरान की तरह पवित्र और सर्वोपरि हैं।
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच बयानबाजी को लेकर पूछे गए सवाल पर श्याम रजक ने कहा, "असल में आपको यह समझना चाहिए कि हमारी पार्टी के नेता केवल नीतीश कुमार हैं। नीतीश कुमार के नेतृत्व में जो निर्णय लिया जाता है, वह फैसला हम सभी पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए गीता, कुरान, बाइबिल और गुरु ग्रंथ साहिब की तरह सम्माननीय है, हम उनके फैसले को उसी रूप में स्वीकार करते हैं।"
श्याम रजक ने आगे कहा कि जेडीयू के भीतर लोकतांत्रिक मूल्य जीवित हैं। हमारी पार्टी में अभिव्यक्ति की पूरी आजादी है और लोकतंत्र में ऐसी आजादी होनी भी चाहिए। शायद ही ऐसी कोई पार्टी होगी जहां बोलने की स्वतंत्रता न हो। अभिव्यक्ति की आजादी के कारण लोग अपनी व्यक्तिगत राय रखते हैं, लेकिन जब पार्टी का नेता कोई निर्णय ले लेते हैं, तो हर कोई पूरी प्रतिबद्धता के साथ उस फैसले के साथ मजबूती से खड़ा रहता है।
इस विवाद के बीच, श्याम रजक ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से NDA उम्मीदवार नीरज कुमार के चुनाव अभियान के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी सक्रिय सहयोगियों और पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और लामबंद करने के लिए फुलवारी विधानसभा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक आयोजित की गई थी।
उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। यह तय किया गया कि हर कार्यकर्ता अपने- अपने गांव को अपना कार्यक्षेत्र मानेंगे, वहां रहने वाले मतदाताओं से सीधा संपर्क करेंगे, उन्हें मतदान के दिन पोलिंग बूथ तक ले जाएंगे और नीरज कुमार के पक्ष में शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित कराएंगे।