पटना

बिहार के सरकारी स्कूल में खाना खाने से 150 छात्र बीमार, ग्रामीणों का दावा- थाली में था सांप का बच्चा

Snake In Mid Day Meal: बिहार के एक सरकारी स्कूलमें मिड डे मील का खाना खाने की वजह से 150 से अधिक बच्चे बीमार हो गए। ग्रामीणों का दावा है कि खाने की थाली में सांप था। मामले की जांच FSL की टीम कर रही है। 
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May 08, 2026
Mid Day Meal Incident in government school
सरकारी स्कूल में मिड डे मील खाते बच्चे (फ़ाइल फ़ोटो )

Snake In Mid Day Meal:बिहार के सहरसा जिले के महिषी ब्लॉक में स्थित मिडिल स्कूल बलवाहा में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मिड-डे मील के दौरान एक बच्चे की थाली में सांप का मरा हुआ बच्चा मिला। इस बात की खबर फैलते ही स्कूल में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते 150 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। उल्टी, पेट दर्द और घबराहट की शिकायतें मिलने के बाद, इन बच्चों को तुरंत महिषी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सहरसा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

थाली में दिखा सांप का बच्चा

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 9 बजे स्कूल में कक्षा 1 से 8 तक के बच्चे खाना खा रहे थे। प्रभारी प्रधानाध्यापिका अनुपमा कुमारी के अनुसार, स्कूल में कुल 543 बच्चे मौजूद थे। जूनियर क्लास के करीब 125 बच्चों को खाना दिया जा चुका था। तभी एक बच्चे की थाली में कुछ अजीब सी चीज दिखी। कुछ लोगों ने कहा कि यह एक कीड़ा था, लेकिन गांव वालों का दावा है कि वह सांप का बच्चा था। जैसे ही इसकी जानकारी फैली, पूरे स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। कई बच्चे डर के मारे बेहोश हो गए, तो कई रोने-चिल्लाने लगे।

NGO ने सप्लाई किया था खाना

विद्यालय प्रशासन ने बताया कि स्कूल में भोजन की आपूर्ति एक एनजीओ (NGO) के माध्यम से की जाती है। घटना की जानकारी मिलते ही हजारों की संख्या में ग्रामीण और अभिभावक स्कूल पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का आरोप है कि एनजीओ द्वारा बासी और घटिया गुणवत्ता का भोजन भेजा जाता है। आक्रोशित परिजनों ने स्कूल प्रबंधन और एनजीओ के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए महिषी, जलई और बनगांव थाने की पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि डर और घबराहट की वजह से पास के अन्य स्कूलों के बच्चे भी अस्पताल पहुंच गए थे, जो पूरी तरह स्वस्थ थे।

प्रबंधन की सफाई - रसोइए ने चखा था खाना

स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका अनुपमा कुमारी, जिन्होंने दो दिन पहले ही कार्यभार संभाला था, ने बताया कि सुबह 8 बजे खाना स्कूल पहुंचा था। मानक प्रक्रिया के तहत रसोइए ने पहले खाना चखा था। जैसे ही थाली में संदिग्ध जीव दिखा, तुरंत वितरण रोक दिया गया और जिन बच्चों ने खाना खा लिया था, उन्हें आगे खाने से मना किया गया। हालांकि, तब तक काफी बच्चे भोजन कर चुके थे।

DM और SP पहुंचे अस्पताल, FSL टीम को सौंपी जांच

बीमार बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महिषी और सहरसा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मरीजों की संख्या इतनी अधिक थी कि अस्पताल के बेड कम पड़ गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दीपेश कुमार और पुलिस अधीक्षक हिमांशु स्वयं सदर अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हाल जाना। घटना की जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को बुलाया गया है। साथ ही ड्रग इंस्पेक्टर को भोजन के सैंपल इकट्ठा करने का निर्देश दिया गया है।

Published on:
08 May 2026 09:00 am