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डिप्टी सीएम बनने को नहीं थे तैयार, अब कैबिनेट में शामिल हुए निशांत कुमार; मिलेगा कौन सा विभाग?

लंबे समय तक राजनीति से खुद को दूर रखने वाले नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने आखिरकार मंत्री पद की शपथ ले ली है। खास बात है कि सीएम पद से नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद निशांत कुमार के डिप्टी सीएम बनने की चर्चा थी, लेकिन उस वक्त उन्होंने वो पद ठुकरा दिया था।

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पटना

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Anand Shekhar

May 07, 2026

nishant kumar with his father ex cm of bihar nitish kumar

पिता नीतीश कुमार के साथ जदयू नेता निशांत कुमार (फ़ोटो- X@jdu)

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कैबिनेट का विस्तार गुरुवार को किया गया। ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित समारोह में कुल 32 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। लेकिन इसमें जो नाम सबसे अधिक सुर्खियों में रहा, वह था पूर्व सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का। काफी वक्त से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए, निशांत ने आखिरकार गांधी मैदान में मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली। दिलचस्प बात यह है कि महज़ 22 दिन पहले ही उन्होंने डिप्टी सीएम बनने का प्रस्ताव ठुकरा दिया था, लेकिन अब वे कैबिनेट मंत्री के तौर पर सीएम सम्राट चौधरी की टीम का हिस्सा बन चुके हैं।

कैसे माने निशांत कुमार

सूत्रों के मुताबिक, निशांत कुमार को सरकार में शामिल करने के लिए जेडीयू के शीर्ष नेताओं को खासी मशक्कत करनी पड़ी। 7 सर्कुलर रोड स्थित पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर चली काफी लंबी बैठक में जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने निशांत कुमार को मंत्री पद के लिए मनाया। नेताओं ने उन्हें समझाया कि उनका सरकार में होना कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए जरूरी है। इसके बाद ही निशांत ने हामी भरी और अपनी 7 मई वाली सद्भाव यात्रा को स्थगित कर शपथ लेने का फैसला किया।

कौन सा मंत्रालय मिलेगा?

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि निशांत कुमार को कौन से विभाग की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। निशांत ने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें तकनीकी और विकास से जुड़े विभाग दिए जा सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी (IT), ऊर्जा (Energy) या ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय मिल सकते हैं। यह भी माना जा रहा है कि उन्हें वे विभाग दिए जाएंगे जो पहले नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद मंत्रियों के पास रहे हैं, ताकि वे सीधे तौर पर राज्य के बुनियादी ढांचे में बदलाव ला सकें। हालांकि अब तक यह फाइनल नहीं हुआ है कि किसे कौन सा मंत्रालय मिलेगा।

मंत्री के तौर पर पूरी करेंगे अपनी यात्रा

निशांत कुमार का मंत्री बनना केवल एक पद की बात नहीं है, बल्कि यह नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को सुरक्षित करने का एक बड़ा कदम है। अब जबकि वे कैबिनेट का हिस्सा हैं, उनकी अगली चुनौती अपनी कार्यशैली से खुद को साबित करने की होगी। 9 मई से दोबारा शुरू होने वाली उनकी सद्भाव यात्रा अब एक मंत्री की यात्रा होगी, जिस पर पूरे बिहार की नजर रहेगी।