
CISF(Symbolic Image-Freepik)
Bihar CISF RTC: बिहार की सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर और अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने की दिशा में एनडीए सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से बिहार की जनता को यह खुशखबरी दी कि किशनगंज जिले के पोठिया अंचल में CISF के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जाएगी, जिसके लिए 110 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, 'बिहार और देश की सुरक्षा व्यवस्था को निरंतर सशक्त करने की दिशा में एक अहम निर्णय करते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र (RTC) की स्थापना हेतु किशनगंज जिले के पोठिया अंचल में 110 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है। यहां एक हजार CISF जवानों का प्रशिक्षण भी मिलेगा।'
मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, 'इस महत्वपूर्ण निर्णय से राज्य और देश की सुरक्षा अवसंरचना को मजबूती मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं विकास के नए अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया है।'
पोठिया अंचल में प्रस्तावित इस केंद्र में एक साथ एक हजार CISF जवानों के प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। यहां जवानों को आधुनिक हथियारों के संचालन, औद्योगिक सुरक्षा की बारीकियों, आपदा प्रबंधन और अत्याधुनिक निगरानी तंत्र का प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस निर्णय से देश की सुरक्षा अवसंरचना को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही प्रशासन को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को युद्धस्तर पर शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
इस परियोजना का एक पहलू ये भी है कि इसकी वजह से स्थानीय स्तर पर आर्थिक विकास और रोजगार सृजन होगा। केंद्र के निर्माण के दौरान और बाद में सुरक्षा व रखरखाव के कार्यों में स्थानीय लोगों को अवसर मिलेंगे। एक हजार जवानों और ट्रेनिंग स्टाफ की स्थायी मौजूदगी से पोठिया और आसपास के क्षेत्रों में होटल, परिवहन, किराना और अन्य छोटे व्यवसायों को भारी बढ़ावा मिलेगा। प्रशिक्षण केंद्र के कारण क्षेत्र में बिजली, पानी, सड़क और संचार की सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा, जिससे पूरे इलाके की सूरत बदल जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं (नेपाल और बांग्लादेश) से सटे किशनगंज जैसे संवेदनशील जिले में इस तरह के अत्याधुनिक केंद्र की स्थापना रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। किशनगंज को चिकन्स नेक क्षेत्र का प्रवेश द्वार माना जाता है, जो देश के पूर्वोत्तर राज्यों को शेष भारत से जोड़ता है। यहां CISF की स्थायी मौजूदगी न केवल बिहार, बल्कि देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठानों और संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाएगी।
Published on:
08 May 2026 07:17 am
बड़ी खबरें
View Allकिशनगंज
बिहार न्यूज़
ट्रेंडिंग
