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भारत विरोधी साजिश की जांच तेज, किशनगंज में NIA की रेड, 2 को हिरासत में लिया

NIA Raid: प्रतिबंधित संगठन PFI पर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की कार्रवाई तेज हो रही है। शुक्रवार को NIA की एक टीम किशनगंज पहुंची और फुलवारी शरीफ मॉड्यूल से जुड़े लिंक का पता लगाने के लिए दो संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।

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NIA की जांच जारी (ANI)

NIA Raid: भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़े एक कथित नेटवर्क की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की एक टीम ने शुक्रवार को प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े मामलों के सिलसिले में एक बार फिर से किशनगंज में कार्रवाई की है। इस ऑपरेशन के दौरान एजेंसी ने दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया और उनसे घंटों तक कड़ी पूछताछ की। पूरे ऑपरेशन को बहुत गोपनीय रखा गया था, जिससे पूरे दिन इलाके में हलचल मची रही।

थाने में बंद कमरे में पूछताछ, बाहरी लोगों का प्रवेश वर्जित

दिल्ली से NIA की दो सदस्यीय टीम सीधे किशनगंज सदर थाने पहुंची। इसके बाद महफूज आलम और आफताब नाम के दो युवकों का पकड़कर नगर थाना लाया गया, जहां उनसे एक बंद कमरे में पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान थाने के उस हिस्से में बाहरी लोगों का प्रवेश सख्ती से प्रतिबंधित था। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने भी ऑपरेशन के बारे में खुलकर टिप्पणी करने से परहेज किया।

महबूब नदवी की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज

गौरतलब है कि 11 सितंबर 2025 को NIA और किशनगंज पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में PFI के पूर्व बिहार अध्यक्ष महबूब आलम नदवी को किशनगंज शहर के हलीम चौक इलाके से गिरफ्तार किया गया था। 2022 फुलवारी शरीफ मॉड्यूल को लेकर दायर चार्जशीट में महबूब आलम को 19वां आरोपी बताया गया था। गिरफ्तारी के बाद शुरुआती पूछताछ में कथित तौर पर भारत विरोधी गतिविधियों, संगठनात्मक नेटवर्क और संदिग्ध संपर्कों के बारे में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले थे। तब से NIA किशनगंज और आसपास के इलाकों में लगातार सक्रिय है।

स्थानीय नेटवर्क और फंडिंग एंगल पर फोकस

सूत्रों के अनुसार, NIA का मौजूदा ऑपरेशन मुख्य रूप से स्थानीय नेटवर्क, संभावित फंडिंग, संपर्कों और फुलवारी शरीफ मॉड्यूल से कनेक्शन पर केंद्रित है। हिरासत में लिए गए संदिग्धों से PFI के साथ उनकी संलिप्तता की सीमा और संगठन की गतिविधियों में उनकी भूमिका का पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है। एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इलाके में कोई स्लीपर सेल या सहयोगी अभी भी सक्रिय हैं।

पहले भी कई बार हुई छापेमारी

महबूब नदवी की गिरफ्तारी के बाद, NIA ने किशनगंज के कई इलाकों में छापे मारे थे, जिसमें मोहिउद्दीनपुर भी शामिल था। इन छापों के दौरान कुछ संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद किए गए थे। बताया जाता है कि गिरफ्तारी से पहले, नदवी लंबे समय से एक किराए के मकान में फर्जी पहचान के साथ रह रहा था और अपने स्थानीय संपर्कों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा था।

एसपी ने पुष्टि की, जांच जारी है

किशनगंज एसपी सागर कुमार ने कहा कि PFI से जुड़े मामलों की जांच के सिलसिले में NIA की एक टीम जिले में आई है और पूछताछ चल रही है। हालांकि, एजेंसी ने हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिकाओं या जांच के अगले कदमों के बारे में सार्वजनिक रूप से आधिकारिक तौर पर कुछ भी खुलासा नहीं किया है।