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20 हजार में बिहार की लड़कियां… मंत्री के पति के बयान पर BJP भी ‘आग बबूला’, RJD-कांग्रेस ने मानसिकता पर उठाए सवाल

उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू के बयान से पूरे देश में जबरदस्त राजनीतिक और सामाजिक गुस्सा भड़क गया है। माफी मांगने के बावजूद, बीजेपी, कांग्रेस, आरजेडी और जेडीयू समेत सभी राजनीतिक पार्टियों ने इस बयान की निंदा की है और इसे महिलाओं का अपमान बताया है। 

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पटना

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Anand Shekhar

Jan 02, 2026

गिरधारी लाल साहू

गिरधारी लाल साहू (photo - Rekha Arya FB)

उत्तराखंड सरकार की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के एक विवादित बयान ने बिहार से लेकर उत्तराखंड तक सियासी भूचाल खड़ा कर दिया है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कथित तौर पर कहा कि बिहार में 20–25 हजार रुपये में लड़कियां मिल जाती हैं। बयान का वीडियो सामने आते ही तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। हालांकि साहू ने बाद में माफी मांग ली, लेकिन विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा।

बीजेपी के अंदर भी नाराजगी

इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी के भीतर भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। बिहार बीजेपी के प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने बयान को शर्मनाक और मानसिक दिवालियापन करार दिया। उन्होंने कहा कि महिला कोई सौदे की वस्तु नहीं है और इस तरह की सोच पूरे समाज के लिए खतरनाक है। प्रभाकर मिश्रा ने साफ कहा कि यह बयान सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि देश की हर महिला का अपमान है और ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

बहन-बेटी का अपमान सहन नहीं- जदयू

नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा कि किसी भी स्थान की महिला का अपमान सहन योग्य नहीं है। हम उन्हें माता और बहन के रूप में पूजते हैं। वे देवी का रूप हैं। हम इस बयान की कड़ी निंदा करते हैं।

कांग्रेस का तीखा हमला

बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और प्रवक्ता असीत नाथ तिवारी ने भी भाजपा पर हमला बोला। राजेश राम ने कहा, "बिहार के लोगों का अपमान करना भाजपा का स्वभाव बन गया है। बिहार की महिलाओं के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। बिहार इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्हें बिहार के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तो खुद बिहार से हैं, उन्हें इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, वरना बिहार की जनता सड़क पर उतरकर जवाब देगी। वहीं, असीत नाथ तिवारी ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को यह संस्कार हीनता संघ की कार्यशालाओं से मिलती है।

यही है भाजपा का असली चरित्र- राजद

राजद प्रवक्ता कंचना यादव ने इसे बिहार की महिलाओं पर खुला हमला बताया। उन्होंने कहा, "उत्तराखंड के भाजपा नेता खुलेआम कह रहे हैं कि बिहार की महिलाएं 20-30 हजार में बिकती हैं। यह सिर्फ घटिया नहीं, बल्कि अमानवीय और स्त्री-विरोधी मानसिकता है। यह नेता बिहार की महिलाओं की नीलामी कर रहा है, उनकी गरिमा को पैसों में तौल रहा है। सवाल यह नहीं कि बयान कितना भद्दा है, सवाल यह है कि बीजेपी की राजनीति इसी सोच पर खड़ी है। जब शीर्ष पर बैठे लोग ही महिलाओं का सम्मान नहीं करते, तो उनके नेताओं की ज़ुबान से ज़हर ही निकलेगा।"

कंचना यादव ने आगे कहा, यही है बीजेपी का असली चरित्र, महिलाओं के लिए न सम्मान, न संवेदनशीलता सिर्फ गंदी सोच और नफरत। वहीं, मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि इसके लिए पूरी भाजपा जिम्मेदार है और उन्हें सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, गिरधारी लाल साहू उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर क्षेत्र में एक राजनीतिक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने वहां मौजूद युवकों से शादी न होने को लेकर तंज कसा और बिहार का जिक्र करते हुए यह आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और इसे महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बताया गया। विवाद बढ़ने पर गिरधारी लाल साहू ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि उनकी बात से किसी को ठेस पहुंची है तो वे हाथ जोड़कर माफी मांगते हैं।