
रीतलाल यादव के खास मैनेजर राय का एनकाउंटर (फोटो- पत्रिका)
बिहार की राजधानी एक बार फिर गोलियों की आवाज से दहल उठी, लेकिन इस बार निशाने पर वो कुख्यात था, जिसने वर्षों से खगौल और दीदारगंज इलाके में दहशत फैला रखी थी। पटना पुलिस ने एक मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी मैनेजर राय को गोली मारकर पहले लंगड़ा किया और फिर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की कार्रवाई में मैनेजर राय के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में पटना एम्स में भर्ती कराया गया है, जहां कड़ी सुरक्षा के बीच उसका इलाज चल रहा है।
मैनेजर राय कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं है, बल्कि संगठित अपराध की दुनिया का जाना-पहचाना नाम है। पटना के दीदारगंज, खगौल, दानापुर और आसपास के इलाकों में उसका आतंक लंबे समय से कायम था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, लूट, आर्म्स एक्ट और अवैध वसूली समेत 20 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं, अकेले खगौल थाने में ही उस पर 8 से अधिक केस चल रहे हैं। व्यापारी हों या डॉक्टर, जमीन कारोबारी हों या छोटे दुकानदार, सब उसके नाम से सहमे रहते थे।
मैनेजर राय सबसे ज्यादा चर्चा में तब आया, जब साल 2022 में खगौल थाना क्षेत्र में चर्चित डॉक्टर मोहम्मद अनवर आलम की हत्या हुई। आरोप था कि डॉक्टर से लगातार रंगदारी मांगी जा रही थी और इनकार करने पर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस मामले में मैनेजर राय को मुख्य आरोपी माना गया था। तभी से वह पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल हो गया था। मैनेजर राय के दुस्साहस का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के दामाद तक से रंगदारी की मांग की थी।
मैनेजर राय को राजद के पूर्व विधायक और बाहुबली रीतलाल यादव का सबसे भरोसेमंद गुर्गा और उनका 'दाहिना हाथ' माना जाता है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा आम रही है कि मैनेजर राय को मिलने वाले राजनीतिक संरक्षण के कारण ही वह इतने वर्षों तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा और आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता रहा। रीतलाल यादव खुद दानापुर इलाके के बड़े बाहुबली नेता रहे हैं और फिलहाल भागलपुर जेल में बंद हैं। उनकी अनुपस्थिति में मैनेजर राय ही उनका काम मैनेज करता था।
पटना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मैनेजर राय अपने 2–3 साथियों के साथ खगौल इलाके में छिपा हुआ है और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में है। सूचना मिलते ही एसपी सिटी के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई और इलाके की घेराबंदी कर दी गई। पुलिस ने जब सरेंडर करने को कहा, तो मैनेजर राय ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके दाहिने पैर में लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा। उसके साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से एक पिस्टल और कारतूस बरामद किए हैं।
इस संबंध में पटना SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि 2 जनवरी को पटना जिले के खगौल थाना क्षेत्र में मैनेजर राय नाम के एक वांटेड अपराधी के बारे में खुफिया जानकारी मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार STF ने पटना पुलिस के साथ मिलकर एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। जब आरोपी ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की, तो पुलिस ने उसका पीछा किया और उसे रुकने की चेतावनी दी। इसके बाद आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की और गोलीबारी के दौरान आरोपी के घुटने के नीचे गोली लगी। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है और फिलहाल वह खतरे से बाहर है। आरोपी का आपराधिक इतिहास है और उसके खिलाफ 20 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं।
Updated on:
02 Jan 2026 02:05 pm
Published on:
02 Jan 2026 02:05 pm
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