पटना

नशे के लिए हैवान बना बेटा! पिता ने पैसे नहीं दिए तो लाठी से पीट-पीटकर मार डाला, 8 महीने बाद खुला मौत का राज

Bihar News: बिहार के कैमूर में पुलिस ने आठ महीने पहले हुए एक मर्डर केस को सुलझा लिया है। कातिल कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित का अपना बेटा ही निकला। पुलिस अब इस मामले में स्पीडी ट्रायल की तैयारी कर रही है।

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Jan 27, 2026
सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: बिहार के कैमूर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पिता और बेटे के पवित्र रिश्ते को पूरी तरह से तार-तार कर दिया है। जिला पुलिस ने लगभग आठ महीने पहले हुई एक बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए खुलासा किया कि इस अपराध का असली मास्टरमाइंड कोई बाहरी नहीं, बल्कि मृतक का अपना बेटा था। नशे की लत और पैसे की लालच ने बेटे को इस हद तक अंधा कर दिया कि उसने अपने ही पिता की हत्या कर दी।

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8 महीने पहले हुई थी हत्या

यह घटना कैमूर जिले के चांद थाना क्षेत्र के सिरहिरा गांव में हुई। जहां करीब 8 महीने पहले 29 मई, 2025 की शाम करीब 5 बजे पुलिस को सूचना मिली कि एक बुजुर्ग, सिरी विंद का शव उनके घर के पास बुरी तरह से क्षत-विक्षत हालत में मिला है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। शव की हालत से साफ पता चल रहा था कि बुजुर्ग पर किसी भारी चीज या लाठी से बेरहमी से हमला किया गया था। पुलिस ने घटनास्थल से खून से सनी एक लाठी भी बरामद की, जिसे वैज्ञानिक जांच के लिए FSL (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) भेजा गया।

शुरुआत में किसी को बेटे पर नहीं हुआ शक

अगले दिन, 30 मई को, चांद थाना के चौकीदार गुलाब पासवान के बयान के आधार पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। शुरुआत में पुलिस इस मामले की जांच पुरानी दुश्मनी या जमीन विवाद के संभावित नतीजे के तौर पर कर रही थी। किसी को भी शक नहीं था कि घर का बेटा ही कातिल हो सकता है।

नशे की लत और पैसों का जुनून बना मौत का कारण

भभुआ एसडीपीओ मनोरंजन भारती ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस को परिवार के अंदरूनी झगड़ों के बारे में पता चला। तकनीकी सबूतों और गांव वालों से मिली गोपनीय जानकारी ने जांच की दिशा बदल दी। जांच में पता चला कि मृतक का छोटा बेटा नन्हकू विंद नशे का आदी था। वह अक्सर घर में पैसे को लेकर झगड़ा करता था और लगातार अपने पिता पर दबाव डालता था।

29 मई की शाम यानि घटना वाले दिन नन्हकू अपने पिता सिरी विंद के पास गया और नशे के लिए पैसे मांगे। उसके पिता पहले से ही बेटे की आदतों से तंग आ चुके थे, इसलिए उन्होंने पैसे देने से साफ मना कर दिया। यह इनकार नन्हकू के अंदर छिपे शैतान को जगाने के लिए काफी था। उसने अपना आपा खो दिया और पास पड़ी एक लाठी उठा ली। उसने उस लाठी से बार-बार अपने पिता के चेहरे और सिर पर मारना शुरू कर दिया। जब बुजुर्ग जमीन पर गिर पड़े, तब भी नन्हकू ने कोई दया नहीं दिखाई और उसे तब तक लाठी से मारता रहा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।

गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तारी

हत्या करने के बाद, आरोपी नन्हकू विंद गिरफ्तारी से बचने के लिए भाग गया। पुलिस लगातार उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी, लेकिन वह अपनी जगह बदलता रहा। इसी बीच, सोमवार को चांद पुलिस स्टेशन के SHO भागीरथ कुमार को गुप्त सूचना मिली कि नन्हकू चुपके से किसी से मिलने अपने गांव सिरहिरा लौटा है और वहीं छिपा हुआ है।

बिना समय बर्बाद किए, SHO ने ASI चंद्रभूषण सिंह के नेतृत्व में एक टीम बनाई और गांव को घेर लिया। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और नन्हकू को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान, उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि कैसे नशे की लत ने उसे अपने ही पिता की हत्या करने पर मजबूर कर दिया।

स्पीडी ट्रायल की तैयारी

एसडीपीओ मनोरंजन भारती ने बताया कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले में स्पीडी ट्रायल (त्वरित सुनवाई) चलाने की तैयारी कर रही है ताकि सभी वैज्ञानिक और मानवीय साक्ष्यों को अदालत में मजबूती से रखा जा सके और अपराधी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके। कैमूर पुलिस ने इस गुत्थी को सुलझाने वाली टीम को पुरस्कृत करने की अनुशंसा भी की है।

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